बेटियों के भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में खुलवाए जा रहे खाते, ऐसे उठाएं लाभ

Anurag Gupta1, Last updated: Fri, 15th Oct 2021, 4:47 PM IST
  • जयपुर में नवरात्र के अवसर भामाशाह सुकन्या समृद्धि योजना के तहत लड़कियों के खाते खुलवा रहे हैं. ग्रामीण क्षेत्रों में जनप्रतिनिधि से लेकर अफसर भी अनाथ बेटियों का खाता खुलवाकर रहे हैं. जिले में 60 हजार खाते सुकन्या समृद्धि योजना में हैं.
सुकन्या समृद्धि योजना  (फाइल फोटो)

जयपुर. राजस्थान में इस नवरात्रि पर भामाशाहों ने नई नजीर पेश की है. जरूरतमंद परिवारों की कन्याओं के डाक विभाग की सुकन्या समृद्धि योजना में भामाशाह खाता खोलवा रहे हैं. उनकी शादी पर होने वाले खर्चे के लिए छोटी-छोटी बचत के साथ पैसे जमा करवाए जा रहे हैं. इस योजना के लिए डाक घर भी पूरी मजबूती से लगा हुआ है. इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में जनप्रतिनिधि से लेकर अफसर भी अनाथ बेटियों का खाता खुलवाकर रहे हैं.

लोग नवरात्र में पूजा-पाठ करते है और कन्याओं को तोहफा देते हैं. लेकिन इस बार भामाशाहों ने कुछ अलग तरीके से तोहफा देने का निर्णय लिया है. इस बार ऐसे उपहार दे रहे जो उनके जिंदगीभर काम आ सके इसके लिए लोगों ने डाक विभाग की सुकन्या समृद्धि योजना की तरफ रुख किया हैं. जयपुर शहर में लोगों ने 830 खाते खोले, जिसमें 11 तारीख को 1 दिन में 400 से अधिक खाते खोले गए.

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60 हजार खाते सुकन्या समृद्धि योजना में हैं:

डाक विभाग जयपुर की प्रवर अधीक्षक प्रियंका गुप्ता ने बताया कि डाक विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भामाशाहों और संपन्न लोगों को सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता खुलवाने को प्रेरित किया. जिससे वो नवरात्रि में पुण्य कमा सकें. ऐसे में कई भामाशाह आगे आए हैं और कन्याओं के लिए पैसे जमा करवा रहे हैं. जिले में 60 हजार खाते सुकन्या समृद्धि योजना में हैं.

इस योजना के लिए डाक विभाग द्वारा सितंबर माह से विशेष कैंप का आयोजन किया गया. जिसके माध्यम से घर-घर जाकर सुकन्या योजना में अधिक से अधिक खाते खुलवाने के लिए लोगों को जागरूक किया गया,. जिसके तहत जयपुर सिटी में 4000 से अधिक सुकन्या योजना में बच्चों के खाते खुले. इस काम के लिए अस्पतालों से भी ब्यौरा जुटाया गया. इसके बाद से जयपुर शहर में अब तक 60 हजार से ज्यादा खाते खोले गए हैं.

आमजन को किसी तरह की कोई दिक्कत न हो इसके लिए सुकन्या योजना के फॉर्म भी डाक विभाग के अधिकारी कर्मचारी ही भर कर देते हैं. इसमें पोस्टमैन भी अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं. वो जिसके भी घर डाक देने जाते है यदि उसके घर पर कन्या होती है तो उसे इस स्कीम के बारे में बता देते हैं. पोस्टमैन के पास भी फॉर्म होते हैं जिसे वो मौके पर भरकर बच्ची का खाता खुलवा देते हैं. पहले अमाउंट के लिए भामाशाह को प्रेरित किया गया है. वह 250 रुपये में एक कन्या पर खर्च कर सुकन्या योजना में उसका खाता खुलवाएं. उसके बाद घर वाले 1 साल के अंदर 1500 रुपये जमा करके खाते को एक्टिवेट करते हैं.

लड़की की आयु 21 वर्ष होने पर जो भी रकम जमा हुई होती है उस पर 7.06 प्रतिशत ब्याज लगाकर लड़की को दिया जाता है. 1 दिन से लेकर 10 साल तक की बालिका का खाता खोला जा सकता है. खाता मात्र 250 रुपये से खोला जा सकता है, इसमें प्रतिवर्ष 250 से डेढ़ लाख रुपये तक जमा करवाए जा सकते हैं. सुकन्या योजना के तहत परिवार वाले ही अपनी बच्ची का खाता खुलवा सकते हैं.

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