किसान सच्चाई जानें और अपना आंदोलन खत्म करें : अलका गुर्जर

Smart News Team, Last updated: 05/12/2020 05:00 PM IST
  • भाजपा की राष्ट्रीय मंत्री ने कहा- कोरोना जैसी जानलेवा वैश्विक आपदा के समय में भी कुछ लोग अपने निजी स्वार्थों के लिए किसानों को गुमराह कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना चाह रहे हैं, लेकिन जनता समझ चुकी है कि कौन जनहित चाहता है और कौन जनता को याचक बनाकर रखना चाहता है.
भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय मंत्री अलका गुर्जर

जयपुर. भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय मंत्री डॉ. अलका गुर्जर ने किसान आंदोलन को लेकर बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि केंद्र में नरेंद्र मोदी सरकार आने के बाद 'सबका साथ-सबका विकास' की संकल्पना के साथ देश के अन्नदाता की भी सुध ली गई है. उसी जन कल्याण भावना को देखकर और स्वार्थ से बंधे हुए व्यापारिक हितों को नजरअंदाज करते हुए केंद्र ने तीनों कृषि विधेयकों को कानून का रूप दिया है. इससे गांवों में बसने वाले हर छोटे से छोटे अन्नदाता को उसका वाजिब अधिकार बिना किसी की चापलूसी के मिल सकेगा. 

डॉ. अलका ने कहा है कि कोरोना जैसी जानलेवा वैश्विक आपदा के समय में भी कुछ लोग अपने निजी स्वार्थों के लिए किसानों को गुमराह कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकना चाह रहे हैं, लेकिन भारत की जनता यह समझ चुकी है कि कौन जनहित चाहता है और कौन जनता को अपने स्वार्थों के लिए सदैव याचक ही बनाकर रखना चाहता है. केंद्र सरकार के द्वारा बनाए गए नए कृषि कानून किसानों के हित में ही हैं. किसान भाई जहां चाहे वहां अपनी उपज बेच सकते हैं. किसान के लिए बाजार का दायरा बढ़ाकर सरकार ने उसकी फसल का वाजिब दाम मिल सके, इसकी व्यवस्था की है. 

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उन्होंने आंदोलन कर रहे किसानों से अपील की है कि वे सच्चाई को जानें और इस आंदोलन को खत्म करें. तीनों नए कृषि कानून किसानों के हित में ही है और इस आंदोलन से न सिर्फ मुसाफिरों का आवागमन प्रभावित हुआ है, बल्कि सड़क के रास्ते पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के लिए ट्रांसपोर्टेशन पर भी असर देखने को मिल रहा है.

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