सतीश पूनिया का CM गहलोत पर तंज, बोले- मुख्यमंत्री का अंकगणित और अर्थशास्त्र समझ से परे

Swati Gautam, Last updated: Thu, 18th Nov 2021, 4:34 PM IST
  • राजस्थान के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत पर तंज कसते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री कौन सी अंकगणित और अर्थशास्त्र से काम कर रहे हैं, ये समझ नहीं आ रहा है. पेट्रोल-डीज़ल के दाम कम करने के बाद बिजली के दाम बढ़ाना ऐसा है जैसे एक तरफ दिया, एक तरफ लिया.
सतीश पूनिया का CM गहलोत पर तंज, बोले- मुख्यमंत्री का अंकगणित और अर्थशास्त्र समझ से परे

जयपुर. राजस्थान के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया आजकल राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार पर बयानबाजी को लेकर चर्चा में हैं. प्रदेश में पेट्रोल डीजल और बिजली के दाम को लेकर सतीश पूनिया गहलोत सरकार को लगातार घेरे में ले रहे हैं. इस बार पुनिया ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अंकगणित और अर्थशास्त्र को लेकर सवाल उठाते हुए कहा है कि मुख्यमंत्री कौन सी अंकगणित और अर्थशास्त्र से काम कर रहे हैं, ये समझ नहीं आ रहा है. पेट्रोल-डीज़ल के दाम कम करने के बाद बिजली के दाम बढ़ाना ऐसा है जैसे एक तरफ दिया, एक तरफ लिया. उन्होंने आगे कहा कि राजस्थान के लोगों को बिजली की मार ज्यादा पड़ रही है.

बता दें कि बीती 16 नवंबर को सीएम अशोक गहलोत ने घोषणा की थी कि राजस्थान सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर वैट घटाने का फैसला किया है जिससे पेट्रोल में 4 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 5 रुपये प्रति लीटर दरों में कमी हो जायेगी. और वहीं, दूसरी तरफ गहलोत सरकार ने बिजली को महंगा कर दिया. मालूम हो कि राजस्थान में उपभोक्ताओं से तेल सरचार्ज वसूला जाएगा. यह सरचार्ज 33 पैसे प्रति यूनिट की दर से लगाया जाएगा. गहलोत सरकार के इस फैसले के बाद से विपक्ष राज्य सरकार को घेरे में लेने से पीछे नहीं हट रहे हैं.

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गहलोत सरकार के बिजली महंगी करने के फैसले के बाद भी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने सीएम अशोक गहलोत पर तंज कसते हुए कहा था कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की जनविरोधी कार्यशैली है, जो लगातार प्रदेश के किसानों, युवाओं, व्यापारियों एवं आमजन को लगातार महंगाई के बोझ में दबाने का कार्य कर रहे हैं. पूनिया ने आगे कहा था कि कांग्रेस सरकार के 3 साल के शासनकाल में लगातार महंगाई बढ़ रही है, बार-बार बिजली बिलों पर फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने से प्रदेश के लगभग 1.52 करोड़ बिजली उपभोक्ताओं की जेब पर भारी मार पड़ रही है.

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