साबरमती आश्रम के पुर्नविकास पर CM गहलोत बोले- गांधी जी से जुड़ी हर चीज को खत्म करने की हो रही तैयारी

Smart News Team, Last updated: Mon, 9th Aug 2021, 6:39 PM IST
  • मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महात्मा गांधी के साबरमती आश्रम के पूर्णविकास योजना का विरोध किया. सीएम गहलोत ने ट्वीट कर लिखा कि आश्रम की पवित्रता और गरिमा को नष्ट करना हमारे राष्ट्रपिता का अपमान है. ऐसा लगता है गांधी जी से जुड़ी हर चीज को बदलने के लिए राजनीतिक मकसद से यह फैसला लिया गया है.
साबरमती आश्रम के पुर्नविकास पर CM गहलोत बोले- गांधी जी से जुड़ी हर चीज को खत्म करने की हो रही तैयारी

जयपुर. गुजरात के साबरमती आश्रम का पूर्णविकास की योजना का विरोध के लोग कर रहे है. जिसमें एक नाम राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का भी जुड़ गया है. सीएम गहलोत ने सोमवार को एक ट्वीट करते हुए कहा कि यह एक चौकाने वाला, अनावश्यक और राजनीतिक संचालित निर्णय है. साथ ही उन्होंने अपने ट्वीट में आगे लिखा कि इस योजना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को हस्तक्षेप करना चाहिए और फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने इस योजना को राजनीतिक संचालित निर्णय बताया. 

इतना ही नहीं मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि गांधी जी से हर जुड़ी चीज को नष्ट करने की तैयारी हो रही है. यह पूर्णविकास का निर्णय गुजरात सरकार का चौकाने वाला और अनुचित है. लोग इस पवित्र स्थल पर यह देखने आते है कि गांधी जी ने कैसे एक सादा जीवन जिया और फिर भी एक विशाल आयोजन किया. खासकर ऐसे समय में जब समाज कई हिस्सों में बंटा हुआ था.

अब CoWin ही नहीं व्हाट्सएप से भी डाउनलोड होगा कोरोना वैक्सीन सर्टिफिकेट

इसके साथ ही. सीएम अशोल गहलोत ने आगे कहा कि साबरमती आश्रम सदभाव और बंधुत्व के लिए जाना जाता है. देश विदेश के लोग यहां पर सादगी और आदर्शों को देखकर इसकी प्रशंसा करते है. वो यहां पर कोई विश्वस्तरीय इमारत देखने नहीं आते है. इसलिए यह आश्रम है, संग्रहालय कहलाने की जगह नहीं. 

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत इतने पर नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि आश्रम की पवित्रता और गरिमा को नष्ट करना हमारे राष्ट्रपिता का अपमान है. ऐसा लगता है कि गांधी जी से जुड़ी हर चीज को बदलने के राजनीतिक मकसद से यह फैसला लिया गया है. अगर ऐसी कोई घटना घटती है तो आने वाली पीढ़ी उन लोगों को माफ नहीं कर पाएगी. जिन्होंने हमारी समृद्धि विरासत, संस्कृति और परंपरा को नष्ट करने की कोशिश की.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें