CM अशोक गहलोत की राज्यपाल से मुलाकात, मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलें तेज

Smart News Team, Last updated: Mon, 18th Jan 2021, 6:47 PM IST
  • मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के राज्यपाल कलराज मिश्र से राजभवन पहुंचकर मुलाकात करने के बाद राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज हो गई है. राजस्थान में जब सियासी संकट पैदा हुआ था, उस दौरान सरकार को समर्थन देने वाले बसपा और निर्दलीय विधायकों को मंत्रिमंडल विस्तार में जगह मिलना तय माना जा रहा है.
राज्यपाल कलराज मिश्र से मुलाकात करते मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

जयपुर. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्यपाल कलराज मिश्र से राजभवन पहुंचकर मुलाकात की है. इसके साथ ही राज्य में एक बार फिर से मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज हो गई है. माना जा रहा है यदि सब कुछ ठीक रहा तो इस माह के आखिर तक मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है. इसमें कुछ मंत्रियों की छुट्टी तय है, तो कुछ नए मंत्री शपथ लेंगे. सूत्रों की मानें तो गहलोत अपनी टीम में कांग्रेस के नौ, तीन निर्दलीय और बसपा से आए दो विधायकों को मौका दे सकते हैं. साथ ही दो से तीन राज्यमंत्रियों को कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जा सकता है. 

दरअसल, राजस्थान में जब सियासी संकट पैदा हुआ था, उस दौरान सरकार को समर्थन देने वाले बसपा और निर्दलीय विधायकों को इस मंत्रिमंडल विस्तार में जगह मिलना तय माना जा रहा है. हालांकि समर्थन देने वाले विधायकों ने उस समय कहा था कि वे बिना किसी शर्त के कांग्रेस को समर्थन दे रहे हैं, उन्हें पद का कोई लालच नहीं है. बता दें कि अभी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पास 18 से अधिक विभाग है. पहले उनके पास वित्त, गृह व कार्मिक जैसे अहम विभागों के साथ नौ विभाग थे. फिर सियासी घमासान के दौरान सचिन पायलट, रमेश मीणा और विश्वेंद्र सिंह को मंत्री पद से हटाया गया. साथ ही लंबी बीमारी के चलते मंत्री मास्टर भंवरलाल मेघवाल का निधन हो गया. इस कारण पंचायत राज एवं ग्रामीण विकास, पीडब्ल्यूडी, खाद्य आपूर्ति, पर्यटन, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता जैसे अहम विभाग भी सीएम गहलोत के पास आ गए.

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जिन लोगों को मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है उनमें कांग्रेस से बृजेंद्र ओला, हेमाराम चौधरी, डॉक्टर राजकुमार शर्मा, दीपेंद्र सिंह, मुरारी मीणा, रमेश मीणा, विश्वेंद्र सिंह, मंजू मेघवाल, राजेंद्र पारीक, निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा, महादेव सिंह खंडेला और रामकेश मीणा तथा बसपा के राजेंद्र गुढ़ा और जोगेंद्र सिंह अवाना शामिल हैं.

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