राजस्थान में कोरोना केस 50 हजार पार, लेकिन ये है राहत की बात...

Smart News Team, Last updated: 08/08/2020 05:44 PM IST
  • स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर रघु शर्मा ने बताई ये सब बातें 
कोरोना 

जयपुर। राजस्थान में भले ही कोरोना के आँकड़े 50 हजार से पार पहुंच चुके हो। लेकिन, राहत की बात यह है कि मृत्यु दर में लगातार कमी आ रही है। प्रदेश में एक समय 2.34 मृत्युदर थी। वहीं अब यह 1.5 फीसदी तक आ चुकी है। स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा का कहना है कि प्रदेश में कोरोना से होने वाली मृत्युदर को शून्य पर लाने के प्रयास किए जा रहे है।

डॉ शर्मा ने कहा कि प्रदेश में व्यापक स्तर पर जांचें की जा रही हैं। यही वजह है कि पॉजिटिव्स की तादाद में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। जितना जल्दी हम पॉजिटव्स की पहचान कर सकेंगे उतनी ही जल्द कोरोना के प्रसार को नियंत्रित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि विभाग ने प्रतिदिन 45 हजार से ज्यादा जांचें प्रतिदिन करने की क्षमता विकसित कर ली है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव्स से नेगेटिव होने का रेशो भी अन्य प्रदेशों की तुलना में खासा बेहतर है। प्रदेश में 80 प्रतिशत तक मरीज पॉजिटिव्स से नेगेटिव हुए हैं। वर्तमान में 70 से 80 प्रतिशत मरीज समुचित उपचार के जरिए दुरुस्त होकर घर पहुंच रहे हैं।

आरटीपीसीआर है खरा टेस्ट

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि अब तक आरटीपीसीआर टेस्ट ही खरा साबित हुआ है। आईसीएमआर द्वारा सुझाए एंटीजन टेस्ट पॉजिटिव को नेगेटिव और नेगेटिव को पॉजिटिव बता रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र सरकार से एंटीजन किट की लगातार मांग कर ही है लेकिन केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध नहीं कराए गए। उन्हें डर है कि कहीं एंटीजन टेस्ट का भी हाल रैपिड टेस्टिंग किट जैसा ना हो, जिसे राजस्थान द्वारा खारिज किए जाने पर पूरे देश भर में प्रतिबंध लगाना पड़ा था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा विदेशी कंपनियों से कोरोना जांच की सुविधा लेना जान जोखिम में डालना जैसा है।

जरूरतमंदों को लगाए जा रहे हैं निशुल्क जीवनरक्षक इंजेक्शन

स्वास्थ्य मंत्री शर्मा ने कहा कि प्रदेश में 40 हजार की लागत के जीवनरक्षक इंजेक्शन (टोसिलीजूमेब व रेमडीसीविर) भी आमजन को मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल के जरिए निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिन मरीजों को भी ये इंजेक्शन लगाए हैं, उनका परिणाम भी सुखद रहा है। उन्होंने कहा कि मरीजों के इलाज के लिए बजट की कोई कमी नहीं है।

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