कोरोना का असर! 1.75 लाख छात्राओं को नहीं मिला गार्गी पुरस्कार

Smart News Team, Last updated: Sat, 3rd Apr 2021, 12:28 PM IST
  • कोरोना महामारी के कारण हर वर्ष बसंतपंचमी को छात्राओं को दिया जाने वाला गार्गी पुरस्कार एस वर्ष अभी तक भी नहीं दिया गया है. 
कोरोना का असर! 1.75 लाख छात्राओं को नहीं मिला गार्गी पुरस्कार (प्रतीकात्मक तस्वीर)

जयपुर: वैश्विक कोरोना महामारी का असर स्कूली छात्राओं के सम्मान पर भी पड़ा है. हर वर्ष बसंतपंचमी को छात्राओं को दिया जाने वाला गार्गी पुरस्कार अभी तक भी नहीं दिया गया है. जबकि बसंतपंचमी को गए दो महीने होने को आए.

शिक्षा विभाग की ओर से 20 अप्रैल से गार्गी पुरस्कार के लिए आवेद मांगे गए थे लेकिन अभी तक भी आवेदन करने वाली पात्र छात्राओं को अभी तक पुरस्कार नहीं दिया गया है. पुरस्कार नहीं देने के पीछे कारण बताया जा रहा है कि पुरस्कार के लिए राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली 70 करोड़ की राशि अभी तक भी नहीं दी गई है.

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विभाग ने आठ बार बढ़ाई आवेदन की तिथि

हर वर्ष बसंतपंचमी के दिन दिए जाने वाले गार्गी पुरस्कार के लिए शिक्षा विभाग ने 20 जनवरी से आवेदन लेना शुरू किया. पुरस्कार के लिए सरकार से बजट नहीं मिलने पर शिक्षा विभाग ने अब तक आवेदन की आठ बार तिथि बढ़ा दी है. लेकिन अभी तक भी छात्राओं को गार्गी पुरस्कार दिए जाने की तिथि फाइनल नहीं हो सकी है.

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ऐसे मिलता है गार्गी पुरस्कार

गार्गी पुरस्कार उन बेटियों को दिया जाता है जो 10वी बोर्ड में 75 फीसदी अंक लती है. 75 फीसदी अंक लाने वाली बेटियों को दो किस्तों में राज्य सरकार द्वार 6 हजार रुपये दिए जाते है. इसी प्रकार से 12 बोर्ड में 75 फीसदी अंक लाने पर छात्राओं को बालिका प्रोत्साहन के रूप में 5 हजार रुपए दिए जाते है.

 

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