राजस्थान में नहीं थम रहे अपराध, 90दिन में 60 हज़ार से ज्यादा केस दर्ज

Smart News Team, Last updated: 11/10/2020 03:11 PM IST
  • राजस्थान में अपराध के मामले दिन पर दिन बढ़ते ही जा रहे हैं. खासकर जुलाई से लेकर सितंबर तक ही 875 पुलिस थानों में करीब 60 हजार से ज्यादा केस दर्ज किये गए हैं. इसी बीच वहां के डीजीपी ने भी वीआरएस लेने का फैसला किया है.
जुलाई से लेकर सितंबर तक ही 875 पुलिस थानों में करीब 60 हजार से ज्यादा केस दर्ज।

जयपुर: राजस्थान में अपराध कम होने का नाम नहीं ले रहे हैं. आए दिन जयपुर, जोधपुर और अलवर जैसी जगहों से बलात्कार और हत्या जैसे मामले सुनाई देते हैं. खासकर बच्चियों और महिलाओं के साथ बलात्कार की घटना भी बढ़ती जा रही है. खासकर इस साल जुलाई, अगस्त और सितंबर के तीन महीनों में अपराध ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. जुलाई से लेकर सितंबर तक ही 875 पुलिस थानों में करीब 60 हजार से ज्यादा केस दर्ज किये गए हैं. इनमें हत्या के मामलों की संख्या 559, हत्या के प्रयास के मामले 624, बलात्कार के मामले 1720, अपहरण के मामले 2040 और चोरी के मामले 8419 दर्ज किए गए हैं. इससे इतर छोटे-मोटे अपराधों की संख्या भी काफी अधिक है.

जयपुर में 95 हजार से ज्यादा पुलिस बल के होने के बाद भी इन अपराधों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. वहीं, लगातार बढ़ते अपराधों को देखते हुए डीजीपी भूपेंद्र सिंह यादव ने वीआरएस की मांग की है, जिसने लोगों को हैरान करके रख दिया है. उम्मीद लगाई जा रही है कि इस महीने के अंत तक सरकार उन्हें वीआरएस की स्वीकृति दे सकती है. ऐसा माना जा रहा है कि सरकार से जुड़े लोगों के दबाव और बाकी कारणों से ही डीजीपी ने वीआरएस लेने का फैसला लिया है.

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जहां भाजपा सरकरा के दौरान हर महीने पुलिस मुख्यालय में अपराध समीक्षा से जुड़ी बैठकें होती थीं तो वहीं इस सरकार में अपराध समीक्षा बैठक का दौर लगातार खत्म होता जा रहा है. सरकार अपने विवादों के कारण पुलिस के लिए समय नहीं निकाल रही है, जिससे पुलिस अफसरों की जिम्मेदारी भी कम हो रही है और अपराधों का ग्राफ भी तेजी से बढ़ रहा है.

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