जल्द होगा राजस्थान में यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं पर फैसला, उच्च स्तरीय समिति गठित

Smart News Team, Last updated: Thu, 27th May 2021, 10:43 AM IST
  • राजस्थान उच्च शिक्षा विभाग की ओर से अब परीक्षाओं को लेकर कवायद शुरु कर दी गई है. इसके लिए एक कमेटी बनाई गई है, जो सुझाव देगी कि परीक्षा कैसे हो. किन-किन विद्यार्थियों को प्रमोट किया जा सकता है.
राजस्थान में यूनिवर्सिटी की परीक्षाओं पर जल्द आएगा फैसला .

जयपुर. राजधानी जयपुर स्थित प्रदेश की सबसे बड़ी राजस्थान यूनिवर्सिटी समेत अन्य विश्वविद्यालयों की परीक्षाओं पर अब जल्द फैसला होगा. राज्य के विश्वविद्यालयों की सत्र 2020-21 की स्थगित परीक्षाओं के आयोजन व आगामी शैक्षणिक सत्र 2021-2022 समय पर शुरु करने के संबंध में सुझाव देने के लिए एक समिति का गठन किया गया है. 

 

डाॅ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के कुलपति डाॅ. देवस्वरूप के संयोजन में गठित इस उच्च स्तरीय समिति में गोविन्द गुरू जनजातीय विश्वविद्यालय बांसवाड़ा, मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय उदयपुर और हरिदेव जोशी पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय जयपुर सहित आयुक्त काॅलेज शिक्षा तथा संयुक्त सचिव उच्च शिक्षा को शामिल किया गया है. कमेटी के सुझावों के बाद सरकार परीक्षाओं पर फैसला लेगी.

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उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने बताया कि कोविड-19 की दूसरी लहर के कारण प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालयों की परीक्षाएं स्थगित कर दी गई थी. परीक्षाएं समय पर आयोजित नहीं हो पाने के कारण आगामी शैक्षणिक सत्र भी प्रभावित होने की संभावना है. 

 

उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि समिति कोविड-19 की वर्तमान परिस्थितियों, एमएचआरडी एवं संबंधित विनियमन निकायों यथा यूजीसी, एआईसीटीई, एनसीटीई, बीसीआई आदि के मापदण्डों तथा इन संस्थाओं की ओर से कोरोना गाइडलाइन के अनुसार परीक्षाओं के आयोजन, शैक्षणिक सत्र आदि के संदर्भ में समय-समय पर जारी निर्देशों एवं अन्य सभी पहलूओं पर विचार-विमर्श कर सुझाव प्रस्तुत करेगी.

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भाटी ने बताया कि सुझाव में परीक्षाएं आॅनलाईन या आॅफलाईन आयोजित करने, परीक्षाओं की तिथि का निर्धारण, पाठ्यक्रम में कमी करने, प्रश्न-पत्र हल करने के संबंध में विकल्प उपलब्ध कराने, परीक्षा का समय कम करने, उत्तर पुस्तिकों का मूल्यांकन व परीक्षा परिणाम जारी करने पर भी अपनी रिपोर्ट देगी.

उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि पिछ्ले सत्र में यह भी ध्यान में आया कि विश्वविद्यालयों ने विद्यार्थियों को आगामी कक्षाओं में प्रमोट करने के संबंध में भी अलग-अलग नीति अपनाई गई. कुछ विश्वविद्यालयों ने अंक तालिकाओं में प्राप्तांक दर्शाये गए, जबकि कुछ ने प्राप्तांक नहीं दर्शाए गए. इसलिए यह समिति इस संबंध में भी अपने सुझाव एवं स्पष्ट अनुशंषा करेगी.  कमेटी अपनी रिपोर्ट 15 दिन में राज्य सरकार को सौपेंगी.

 

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