जयपुर: कांग्रेस में शामिल हो सकते है डॉक्टर कफील, रिहाई के बाद जयपुर में ली शरण

Smart News Team, Last updated: 05/09/2020 06:37 AM IST
  • यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरोध का चेहरा बनकर उभरे डॉक्टर कफील खान. कफील खान के परिवार के सदस्य भी जयपुर के रिजाॅर्ट में पहुंचे कांग्रेस नेता प्रदीप माथुर, शाहनवाज आलम के साथ जयपुर में रुके हैं कफील खान
डाॅक्टर कफील खान (फ़ाइल फ़ोटो)

जयपुर। गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्रवक्ता रहे चर्चित डाॅक्टर कफील खान ने रिहाई के बाद राजस्थान में शरण ले ली है. शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ कफील राजस्थान के जयपुर के एक रिसॉर्ट में ठहरे हुए हैं.

इस दौरान उनके परिवार के सदस्य भी शुक्रवार को रिजार्ट पहुंच गए. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा से यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक के संपर्क कफील खान बने हुए हैं.

दरअसल डॉ कफील खान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरोध का चेहरा बनकर उभरे हैं.

इसी के चलते कांग्रेस और समाजवादी पार्टी डॉ कफील के वर्चस्व को भुनाने में जुटी हुई है.

यूपी में विधानसभा चुनाव भले ही अभी डेढ़ साल के बाद होने हों, लेकिन सियासी बिसात अभी से बिछाई जाने लगी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ विरोध का चेहरा बन चुके डॉ. कफील खान की सूबे के मुस्लिम समुदाय के बीच अच्छी खासी लोकप्रियता देखने को मिली है.

ऐसे में राजनीतिक पार्टियां डॉ. कफील खान को अपने-अपने पाले में लाने के लिए उत्सुक नजर आ रही हैं, इस कवायद में सपा से आगे कांग्रेस निकलती दिख रही है.

क्या था मामला

दरअसल, योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी में सरकार बनने के बाद से डॉ. कफील खान को तीन बार जेल भेजा जा चुका है.

पहली बार अगस्त 2017 में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी की वजह से बच्चों की मौत हो गई थी, जिसके लिए डॉ. कफील को निलंबित कर जेल में डाल दिया गया था. वे करीब 9 महीने जेल में रहे थे.

इसके बाद 2018 में उन्हें एक 9 साल पुराने मामले में बहराइच से गिरफ्तार किया गया था.

इस दौरान दो महीने जेल में रहे. तीसरी बार उन्हे फरवरी 2020 में अलीगढ़ से गिरफ्तार किया था. सीएए-एनआरसी के विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़काऊ भाषण देने के मामले में योगी सरकार ने उन पर एनएसए लगा दिया था.

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