जयपुर : कोरोना मरीजों को देखते हुए काली पट्टी बांधकर विरोध जताएंगे डॉक्टर्स

Smart News Team, Last updated: 10/12/2020 08:09 PM IST
  • अखिल राजस्थान राज्य सेवारत चिकित्सक संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अजय चौधरी ने आयुर्वेद में पीजी डिग्री धारकों को शल्य चिकित्सा की अनुमति देने का विरोध किया है. हालांकि कोरोना रोगियों को देखते हुए चिकित्सक संघ हड़ताल से दूर रहेगा. सेवारत चिकित्सक काली पट्टी बांधकर अपने दायित्वों का निर्वहन  करेंगे.
सांकेतिक फोटो

जयपुर. सेंट्रल काउंसिल ऑफ इंडिया मेडिसिन की ओर से आयुर्वेद में शल्य चिकित्सा में पीजी डिग्रीधारकों को शल्य चिकित्सा की अनुमति देने के विरोध में अखिल राजस्थान राज्य सेवारत चिकित्सक संघ 11 दिसंबर को आइएमए की हड़ताल में तो शामिल नहीं होगा, लेकिन काली पट्टी बांधकर विरोध जताएगा. संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अजय चौधरी ने आयुर्वेद में पीजी डिग्री धारकों को 58 प्रकार की शल्य चिकित्सा की अनुमति देने से संबंधित आदेश को असंवैधानिक, गैर जरूरी व मरीजों के लिए अहितकारी करार दिया है. 

डॉ. चौधरी ने बताया कि आयुर्वेद में शल्य चिकित्सा की पीजी डिग्रीधारकों को दांत, नाक, कान, गला, पेट की शल्य चिकित्सा, आंखों की शल्य चिकित्सा करने की अनुमति दिया जाना घोर निंदनीय है. उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की है कि जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले व चिकित्सा की मूल भावना के खिलाफ जारी किए गए इस फरमान को तुरंत वापस लें. इस संबंध में संघ की ओर से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भी प्रेषित किया गया है. उन्होंने बताया कि अन्य पैथी के चिकित्सकों को शल्य चिकित्सा करने की अनुमति दिए जाने के विरोध में 11 दिसंबर को अखिल राजस्थान राज्य सेवारत चिकित्सक संघ की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा. 

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संघ के महासचिव डॉ. शंकर बामनिया ने बताया कि कोविड-19 की महामारी में रोगियों की तकलीफ को ध्यान में रखते हुए राज्य के सभी सेवारत चिकित्सक गांधीवादी तरीके से काली पट्टी बांधकर अपना विरोध जताएंगे और चिकित्सकीय दायित्वों का निर्वहन भी करेंगे. संगठन की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. ज्योत्सना रंगा ने बताया कि राजकीय चिकित्सालयों में चिकित्सा कार्य बहिष्कार में संघ शामिल नहीं होगा. ये चिकित्सक आमजन के हित में अपने चिकित्सा कार्य के दौरान काली पट्टी बांधकर कर विरोध जताएंगे.

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