जयपुर के 11 लाख घरों में होगा डोर टू डोर कोरोना सर्वे, 1200 टीम करेंगी काम

Smart News Team, Last updated: Mon, 17th May 2021, 8:30 AM IST
  • जयपुर में अब डोर टू डोर सर्वे कर कोरोना संक्रमण को रोकने का प्रयास किया जाएगा. ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में सघन मॉनिटरिंग की जाएगी. इसके लिए 1200 टीमें गठित की गई है .
प्रतिकात्मक तस्वीर 

जयपुर. सीएम अशोक गहलोत के निर्देश के बाद अब जयपुर जिले में कोरोना संक्रमण रोकने के लिए विशेष प्लानिंग बनाई गई है. अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधांश पंत ने जयपुर जिले में कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने की नई रणनीति के बारे में सीएम अशोक गहलोत को जानकारी दी. उन्होंने कहा कि 1200 टीमें गठित की गई हैं, जो आने वाले करीब 12 दिन में दस में संदिग्ध रोगियों की ट्रेकिंग और ट्रीटमेंट के लिए 11 लाख परिवारों के घर-घर सर्वे का काम करेंगी. इससे अधिक पॉजिटिव केस वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां कंटेनमेंट जोन और नो-मूवमेंट को और अधिक सख्ती से लागू किया जा सकेगा.

 

बताया जा रहा है कि ग्रामीण इलाकों में जो टीम सर्वे करेगी, उनके पास ऑक्सीमीटर भी रहेगा. आरएमएससी के अधिकारियों को ऑक्सीमीटर सीएमएचओ को तुरंत उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं. इसके साथ ही राजधानी के दोनों नगर निगम लोगों को जागरूक करने के लिए नियमित रूप से अभियान चलाएंगे. हेरिटेज नगर निगम आयुक्त अवधेश मीणा ने बताया कि वॉल पेंटिंग से लेकर होर्डिंग के अलावा हूपर और ऑटो के जरिए व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जा रहा हैं. शहरी क्षेत्र में 3 टियर सिस्टम को और प्रभावी बनाया जाएगा. इस पूरे सिस्टम की मॉनिटरिंग जयपुर विकास प्राधिकरण के सेक्रेटरी हृदय शर्मा करेंगे.

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ग्रामीण क्षेत्रों में मेरा गांव मेरी जिम्मेदारी के नाम से एक कमेटी बनाई गई है. ग्रामीण इलाकों में हर घर तक पहुंचने के लिए चिकित्सा विभाग एनजीओ को भी शामिल करेंगे. ग्रामीण क्षेत्रों में संक्रमण को कम करने के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के मोबाइल ओपीडी वैन के जरिए एंटीजन व आरटीपीसीआर टेस्ट किए जाएंगे. टेस्ट में पॉजिटिव आने वाले रोगियों को तुरंत उपचार और भर्ती करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी.

चिकित्सा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि संक्रमण के दौरान तेजी से काम हो सके, इसके लिए जयपुर शहर को 24 जोन में बांटा गया है. शहर में 10 मोबाइल टेस्टिंग वाहन काम कर रहे हैं. यह 96 डिस्पेंसरी को कवर करते हैं. एक से डेढ़ सप्ताह में टेस्टिंग का कार्य पूरा करने का दावा किया जा रहा है.

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