बीसलपुर बांध में कम हो रहा पानी, भविष्य में जयपुर सहित इन जिलों में हो सकता है जल संकट

Haimendra Singh, Last updated: Fri, 10th Sep 2021, 9:33 AM IST
  • राजस्थान के बीसलपुर बांध से जितना पानी जयपुर, अजमेर और टोंक जिले के निवासी के लिए पर्याप्त रहता है, हर साल उतना पानी भाप बनकर आसमान में चला जाता है, इससे आने वाले समय में पानी का संकट बढ़ सकता है. 
बीसलपुर बांध में पानी कम होने से बढ़ सकता है जल संकट.( सांकेतिक फोटो)

जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर के शहरी आवादी को आने वाले समय में जल संकट से गुजरना पड़ सकता है जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ सकती है. जयपुर सहित अजमेर और टोंक जिले की लगभग एक करोड़ आबादी की प्रयास बुझाने वाले बीसलपुर बांध का पानी का प्रयोग होता है, लेकिन इस बार मानसून सुस्त रहने के कारण बांध में पानी की किल्लत हो सकती है. सबसे बड़ी बात यह है कि बांध में स्टोर पानी में से 9 टीएमसी पानी हर साल भाप बनकर हवा में उड़ जाता है, जो इस बार लोगों के लिए समस्या बन सकता है. इस पानी को बाप बनने से रोकने के लिए इंजीनियर भी कोई उपाय नहीं खोज पा रहे हैं.

राजस्थान के बीसलपुर बांध को जयपुर, अजमेर और टोंक जिलो के लोगों की जीवन रेखा कहा जाता है. बीसलपुर बांध की जल भराव की क्षमता 33 टीएमसी के लगभग है जिसमें से जयपुर, अजमेर और टोंक जिले की पानी की जरूरतों के लिए 16 टीएमसी पानी को आरक्षित जाता है. वहीं 8 टीएमसी पानी टोंक जिले में सिचाई के कार्य में काम आता है, लेकिन सबसे दुख की बात यह है कि हर साल बांध का लगभग 9 टीएमसी पानी भाप बनकर आसमान में चला जाता है. इस पानी का भाव बनने से रोकने के लिए  इंजीनियर भी लगातार प्रयास कर रहे है, लेकिन इससे सुरक्षित करने के लिए अभी तक कोई उपाय नहीं मिल पाया है. 

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जल संसाधन विभाग एवं जलदाय विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इंजीनियरों द्वारा रेलूया और मिंग तकनीक की मदद से पानी को भाप बनने से रोकने के परीक्षण का प्रयास किया जा रहा है. छोटे तालाब में तो बैलून डालकर पानी के बाप बनने से रोका जा सकता है, लेकिन बड़े बांधों में यह तकनीक कारगर साबित नहीं हो रही है.

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