जयपुर: ट्रैक्टर परेड में महिला चालकों ने संभाली कमान, किसानों में दिखा जोश

Smart News Team, Last updated: Mon, 25th Jan 2021, 7:56 PM IST
  • जयपुर में संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वाधान में यूथ फॉर किसान के बैनर तले तिरंगा ट्रैक्टर परेड का आयोजन किया. किसान नेताओं ने जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा. ज्ञापन में किसानों ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के साथ-साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य का गारंटी कानून बनाने की अपनी मांग को रखा.
ट्रैक्टर परेड निकालते किसान

जयपुर. राजस्थान की राजधानी जयपुर में भी किसानों ने संयुक्त किसान मोर्चा के तत्वाधान में यूथ फॉर किसान के बैनर तले राजस्थान विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर सी.बी.यादव के नेतृत्व में किसान तिरंगा ट्रैक्टर परेड का आयोजन किया गया. ट्रैक्टर परेड टाटियावास टोल प्लाजा से प्रारंभ होकर कलेक्टरेट सर्किल तक पहुंची. यहां किसान नेताओं ने जिला कलेक्टर को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दिया गया. परेड में अग्रिम पंक्ति में महिला चालकों द्वारा ट्रैक्टरों को चलाया गया, जो परेड को बहुत ही आकर्षक बना रही थी. 

परेड के दौरान डीजे पर किसानों के गानों पर किसान एकता जिंदाबाद, काले कानून वापस लो, एमएसपी गारंटी कानून बनाओ के नारे से आसमान गुंजायमान रहा. तिरंगे से सुसज्जित ट्रैक्टर परेड गुलाबी शहर में एक नायाब दृश्य उत्पन्न कर रही थी. यूथ फॉर किसान संगठन के अध्यक्ष डॉ.सी.बी.यादव ने बताया की कृषि कानूनों के विरोध में पूरे देश के किसान उद्वेलित है, लेकिन यह देश का दुर्भाग्य है कि जिस सरकार को अपनी जनता की भावनाओं को ध्यान रखते हुए उनके प्रति संवेदनशीलता रखने का दायित्व दिया गया, वही सरकार अन्नदाताओं के आंदोलन के प्रति साजिशें रच रही है. शायद केंद्र सरकार ने किसानों की समझ को बहुत ही कमत्तर समझने की गलती की है. यह पहला अवसर है जब आजादी के बाद देश का किसान दलगत राजनीति एवं जातिगत भेदभाव से ऊपर उठकर किसान एवं किसान पुत्र की भावना से एकजुट होकर गणतंत्र दिवस को सच्चे अर्थों में मना रहा है. 

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जिला कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में किसानों ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के साथ-साथ न्यूनतम समर्थन मूल्य का गारंटी कानून बनाने की अपनी मांग को रखा. ट्रैक्टर परेड शहीद स्मारक पर किसान आंदोलन के दौरान शहीद हुए किसानों को खड़े होकर श्रद्धांजलि दी एवं यहां किसानों ने शपथ ली कि जब तक तीन कृषि कानून वापस नहीं लिए जाते एवं एमएसपी का गारंटी कानून नहीं बन जाता, तब तक इस लड़ाई को किसी भी कीमत पर कम नहीं होने देंगे.

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