72 साल के बुजुर्ग से की थी 27 लाख की ठगी, साइबर एक्सपर्ट ने 4 घंटे में पकड़ा

Smart News Team, Last updated: Thu, 4th Feb 2021, 4:46 PM IST
  • जयपुर के बरकत नगर में रहने वाले 72 साल के कारोबारी शर्मा से सितंबर 2019 में दो बदमाशों ने प्लॉट बेचने के नाम पर 27 लाख रुपये की धोखाधड़ी की थी. हालांकि, बेटे ने चार घंटों में ही आरोपी को पकड़वा दिया.
72 साल के बुजुर्ग से की थी 27 लाख की ठगी (प्रतीकात्मक तस्वीर)

जयपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आ रहा है. दरअसल, जयपुर के बरकत नगर में रहने वाले 72 साल के कारोबारी शर्मा से सितंबर 2019 में दो बदमाशों ने प्लॉट बेचने के नाम पर 27 लाख रुपये की धोखाधड़ी की. जिसकी रिपोर्ट उन्होंने बजाज नगर थाना क्षेत्र में दर्ज करवाई. हालांकि, डेढ़ साल के भीतर पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने के लिए 30 बार दबिश दी, लेकिन बदमाश उनके हाथ नहीं लगे. वहीं, अब डेढ़ साल बाद बुजुर्ग के बेटे गिरिराज शर्मा ने साइबर एक्सपर्ट और प्राइवेट डिटेक्टिव की मदद से केवल 4 घंटे में ही आरोपी को पकड़वा दिया.

जिसके बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. दरअसल, नवरतन शर्मा ने रिपोर्ट दर्ज करवाने के बाद तत्कालीन जांच अधिकारी सुनील गोदारा को आरोपियों की लोकेशन से लेकर गाड़ी तक मुहैया कराई, लेकिन दबिश से कुछ देर पहले आरोपी मोबाइल बंद कर देता और फरार हो जाता. इस मामले में अब जांच अधिकारी प्रकाश बिश्नोई ने बताया कि साल 2019 में मोहन और गजेंद्र ने नवरतन को मधुवन कॉलोनी में फर्जी दस्तावेज के जरिये 60 लाख रुपए में एक प्लॉट बेचा था.

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इसके लिए बदमाशों ने नवरतन शर्मा से लिए 27 लाख रुपये भी ले लिए थे. बाद में जब रजिस्ट्री के लिए कहा तो टालमटोल करनी शुरू कर दी. हालांकि, बाद में जब नवरतन शर्मा ने जांच करवाई तो पता चला कि प्लॉट किसी और का है. मुझे 16 दिसंबर 2020 को जांच रिपोर्ट मिली थी. इसके बाद गिरिराज ने साइबर एक्सपर्ट की मदद से आरोपी की लोकेशन दी तो 28 जनवरी को सीकर रोड स्थित रामपुरा निवासी आरोपी मोहन शेखावत को गिरफ्तार कर लिया गया.

बता दें, इस मामले में आरोपी हर दबिश से पहले अपना फोन स्विच ऑफ कर लेता और अपनी लोकेशन बदल देता था. जिसके बाद गिरिराज को मिलीभगत होने का शक हुआ. वहीं, जब जनवरी में जांच अधिकारी का तबादला हुआ तो नए जांच अफसर प्रकाश विश्नोई के साथ मिलकर गिरिराज ने साइबर एक्सपर्ट शैलेन्द्र पचार और एक प्राइवेट डिटेक्टिव हायर किया और उनकी मदद से अपराधी को धर-दबौचा.

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