राजस्थान में गुर्जर आंदोलन को रोकने के लिए नेताओं पर रासुका लगाएगी गहलोत सरकार

Smart News Team, Last updated: Sun, 1st Nov 2020, 3:59 PM IST
  • राजस्थान में आरक्षण की मांग को लेकर जारी गुर्जर आंदोलन को रोकने के लिए गहलोत सरकार ने कड़ा कदम उठाया है. दरअसल, राज्य सरकार ने गुर्जर आंदोलन को लेकर भरतपुर, सवाईमाधोपुर करौली सहित आधे दर्जन से अधिक जिलों में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगा दिया है.
राजस्थान सरकार ने गुर्जर आंदोलन रोकने के लिए उठाया कदम, लगाया रासूका

जयपुर: राजस्थान में आरक्षण की मांग को लेकर जारी गुर्जर आंदोलन को रोकने के लिए गहलोत सरकार ने कड़ा कदम उठाया है. दरअसल, राज्य सरकार ने गुर्जर आंदोलन को लेकर भरतपुर, सवाईमाधोपुर करौली सहित आधे दर्जन से अधिक जिलों में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) लगा दिया है. इस बात को लेकर राजस्थान में गृह विभाग की तरफ से आदेश भी जारी कर दिया गया है. आंदोलन को ध्यान में रखते हुए रासुका करीब तीन महीनों के लिए लगा दिया गया है.

रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान में गुर्जर आंदोलन को ध्यान में रखते हुए गृह विभाग ने रासुका के संबंध में आदेश जारी कर दिये हैं. आंदोलन के मद्देनजर भरतपुर, धौलपुर, दौसा टोंक, बूंदी, सवाईमाधोपुर, झालावाड़ करौली जिले में रासुका लगा दिया गया है. इन सभी जिलों में रासुका करीब तीन महीनों के लिए लगाया गया है, जिसके तहत एक साल की सजा एवं जुमार्ने का भी प्रावधान है.

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वहीं, दूसरी और बताया जा रहा है कि गुर्जर नेताओं के प्रतिनिधिमंडल की सरकार के साथ बातचीत चल रही है. इस बारे में बात करते हुए गुर्जर नेता हिम्मत सिंह ने बताया कि 41 गुर्जर नेताओं के प्रतिनिधिमंडल की जयपुर में सरकार द्वारा गठित समिति एवं संबंधित अधिकारियों के साथ बातचीत जारी है. बताया जा रहा है कि गुर्जर बहुल इलाके जैसे दौसा, करौली, सवाईमाधोपुर और भरतपुर में शुक्रवार शाम से ही इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी. इंटरनेट पर लगी यह पाबंदी शनिवार को आधी रात तक लगी रही. इससे इतर पुलिस ने आंदोलन के मद्देनजर स्थिति से निपटने के लिए अलग-अलग बलों की डेढ़ दर्जन से अधिक कंपनियां गुर्जर बहुल जिलों में भेजीं.

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