कांस्टेबल भर्ती के तहत आज से होने वाले फिजिकल टेस्ट पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

Smart News Team, Last updated: Wed, 24th Mar 2021, 12:44 PM IST
  • राजस्थान में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा एक बार फिर से तारीखों के फेर में फंस गई है. अब हाईकोर्ट ने आज से शुरू हो रहे फिजिकल टेस्ट पर अंतरिम रोक लगा दी है.
राजस्थान हाईकोर्ट

जयपुर: सूबे में कांस्टेबल भर्ती के अभ्यर्थियों के लिए फिर से एक निराशाजनक खबर है. बता दें कि, राजस्थान हाईकोर्ट ने कांस्टेबल भर्ती में पदों के अनुरूप पांच गुणा अभ्यर्थियों को फिजिकल टेस्ट में न बुलाये जाने पर एक याचिकाकर्ता दिनेश जाखड़ की अपील पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आज से शुरू हो रहे फिजिकल टेस्ट पर रोक लगा दी.

याचिकाकर्ता दिनेश का मामला हाईकोर्ट में जस्टिस एपी शर्मा की अदालत में गया था. ऐसे में याचिका की पैरवी कर रहे वकील रामप्रताप सैनी ने तर्क देते हुए कहा कि, इस भर्ती परीक्षा में परिणाम जिलेवार जारी किये गए है. ऐसे में भर्ती विज्ञापन में दिए गए नियमानुसार, भर्ती में पदों के हिसाब से ओबीसी वर्ग के भूतपूर्व सैनिक कोटे, साथ ही महिला-पुरुष के रिक्त पदों पर पांच गुणा अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा में पास करना अनिवार्य था. लेकिन यह न करके विभाग ने नियमों का उल्लंघन किया.

बीसलपुर से जयपुर के लिए अतिरिक्त पानी लेने की तैयारी, विभाग ने भेजा प्रस्ताव

अधिवक्ता रामप्रताप सैनी ने कोर्ट को बताया कि कई जिलों के रिजल्ट अजमेर जीआरपी ने जारी किये, जिसमें कि पिछड़ा वर्ग के कुल 57 पद थे लेकिन उनमें केवल 97 परीक्षार्थी ही शारीरिक दक्षता के लिए चयनित हुए. जबकि नियमानुसार पांच गुणा अभ्यर्थी पास करने के हिसाब से करीब 285 अभ्यर्थियों को बुलाना चाहिए था. साथ ही ओबीसी वर्ग के अभ्यर्थियों को मूल ओबीसी के साथ रख दिया गया, जो कि गैरकानूनी है. ऐसे में विभाग द्वारा किस हिसाब से मेरिट की सूची तय की जाएगी. इस पर राज्य सरकार की तरफ से कोर्ट में जवाब दिया गया कि इस प्रणाली में विभाग ने ओबीसी के पूर्व सैनिक कोटे के अधिक अभ्यर्थियों को पास कर दिया. इसी कारण फिजिकल टेस्ट में 2 गुणा से कम अभ्यर्थियो का चयन हुआ है.

अप्रैल के बिजली बिल में लगेगा झटका,बिल में जुड़ेगा प्रति यूनिट 7 रुपए फ्यूल चार्ज

हालांकि कोर्ट ने दोनों पक्षों के तर्क व तथ्य सुनने के बाद यह फैसला लिया कि आज यानी 24 मार्च से शुरू हो रही शारीरिक दक्षता परीक्षा को रोक दिया जाए. साथ ही इस मामले में अगली सुनवाई 31 मार्च को की जाएगी.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें