जयपुर: 129 स्थानीय निकाय चुनावों पर फिर लग सकता है ग्रहण

Smart News Team, Last updated: 19/09/2020 01:11 PM IST
  • प्रदेश के 129 निकाय चुनाव एक बार फिर आगे खिसक सकते हैं. इसके पीछे कारण कोरोना के अलावा सत्ता पक्ष का राजनीतिक कारण भी माना जा रहा है.अभी तक स्थिति स्पष्ट नही हो पा रही है.
चुनाव

कोर्ट के आदेश पर 20 अक्टूबर तक स्थगित किए गए प्रदेश के 129 स्थानीय निकाय के चुनावों पर एक बार फिर ग्रहण लग सकता है. राज्य सरकार चुनाव कराने की तिथि आगे बढ़ाने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटा सकती है. चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों के अनुसार सरकार की मंशा फिलहाल 20 अक्टूबर तक चुनाव कराने की नहीं है. वह चुनाव की तिथि आगे बढ़वाने का मानस बनाये हुए है. राज्य का स्वायत शासन विभाग जल्द ही राज्य निर्वाचन आयोग को इस बारे में चिट्ठी लिख सकता है. आयोग द्वारा चुनाव की तिथि नहीं बढ़ाने की स्थिति में राज्य सरकार अदालत की शरण ले सकती है.

आंतरिक दृष्टि से देखे तो दूसरा राजनीतिक पहलू भी आता है सामने

राज्य निर्वाचन आयोग ने 20 अक्टूबर तक चुनाव कराने के लिए पूरी तैयारी कर रखी है. प्रदेश में स्थानीय निकायों के चुनाव अगस्त महीने में ही होने थे, लेकिन कोर्ट के आदेश पर इनको 20 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया गया था. सूत्रों की मानें तो चुनाव स्थगित करने के पीछे राज्य सरकार की मंशा कुछ अलग है. जाहिर तौर पर तो इसके पीछे कारण कोरोना संकट बताया जा रहा है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि इसका अंदरखाने दूसरा राजनीतिक पहलू भी सामने आ रहा है.

पार्टी सिंबल होंगे ये चुनाव

इन चुनावों का पार्टी सिंबल पर होना. कांग्रेस पिछले दिनों हुये सियासी घटनाक्रम के कारण अभी इसके लिये अपने आप को तैयार नहीं मान रही है.राज्य सरकार का मानना है कि इस माहौल में चुनाव होता है तो लोकतांत्रिक प्रक्रिया प्रभावित होगी. वोटिंग प्रतिशत भी कम रहेगा. इससे पार्टी को घाटा उठाना पड़ रहा है. राज्य सरकार राज्य निर्वाचन आयोग को चुनाव नहीं कराने की अपनी मंशा से जल्द ही अवगत करा सकती है.

21 अगस्त को हो गया था कार्यकाल समाप्त

प्रदेश के 129 नगर निकाय का कार्यकाल 21 अगस्त को समाप्त हो गया था. उसके बाद राज्य सरकार ने इनमें प्रशासक लगा दिए हैं. वर्तमान में प्रशासक के माध्यम से ही पूरा कामकाज हो रहा है. इससे पहले भी राज्य सरकार ने जयपुर, जोधपुर और कोटा के नवगठित नगर निगमों में प्रशासक नियुक्त लगाए हुए हैं.

 

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