जयपुर: जेईई परीक्षा के लिए राजस्थान में 19 सेंटर 45 हजार परीक्षार्थी होंगे शामिल

Smart News Team, Last updated: Mon, 31st Aug 2020, 10:56 PM IST
  • परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए राज्य में लॉकडाउन लागू नहीं माना जाएगा. एडमिट कार्ड की हार्ड या सॉफ्ट कॉपी को वैध पास माना जाएगा.
जेईई परीक्षा

जयपुर: 2 से 6 सितंबर तक होने वाली जेईई मेन परीक्षा के लिए राजस्थान के 9 जिलों में जेईई मेन के 19 सेंटर बनाए गए हैं. इन केंद्रों पर करीब 45 हजार स्टूडेंट्स परीक्षा देंगे. कई स्टूडेंट्स को परीक्षा देने के लिए 250 से 300 किमी दूर जाना पड़ेगा. सबसे बड़ी दिक्कत ये है कि बसें और ट्रेनें सीमित संख्या में ही चल रही हैं. सेंटर पर पहुंचना भी एक चुनौती ही है.

हालांकि परीक्षार्थियों के लिए राजस्थान रोडवेज प्रशासन ने निशुल्क यात्रा की व्यवस्था की है. जेईई परीक्षा का प्रवेश पत्र दिखाने पर परिक्षार्थियों को जीरो राशि का टिकट दिया जाएगा.

गृह विभाग के प्रमुख शासन सचिव अभय कुमार ने बताया कि जेईई और नीट अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के लिए राज्य में लॉकडाउन लागू नहीं माना जाएगा. नीट और जेईई के अभ्यर्थी और उनके अभिभावकों के लिए एडमिट कार्ड की हार्ड या सॉफ्ट कॉपी को वैध पास माना जाएगा.

जेईई मेन परीक्षा वाले शहरों में अभ्यर्थियों और उनके अभिभावकों के लिए परीक्षा के निर्धारित दिवसों पर होटल, रेस्त्रां, धर्मशाला खुले रहेंगे। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में नौ शहरों अजमेर, अलवर, भीलवाड़ा, जयपुर, जोधपुर, कोटा, सीकर, श्रीगंगानगर में परीक्षा आयोजित की जाएगी.

परीक्षा केंद्र पर अनावश्यक भीड़ से बचने के लिए प्रवेश पत्रों में प्रत्येक स्टूडेंट्स को रिपोर्टिंग का अलग-अलग समय दिया गया है. परीक्षा प्रारंभ होने से आधा घंटा पूर्व प्रवेश द्वार बंद कर दिए जाएंगे. स्टूडेंट्स को दिए गए प्रवेश पत्र में सेल्फ डिक्लेरेशन प्रारूप में विद्यार्थी को अभिभावक के हस्ताक्षर, स्वयं का बांये हाथ का अंगूठा का निशान एवं स्वयं की फोटो लगाकर ले जाना होगा. कोई भी इलेक्ट्रोनिक गैजेट साथ लाने की अनुमति नहीं होगी.

स्टूडेंट्स काे लेकर आने वाले वाहनों काे सेंटर से 20 मीटर दूरी पर ही रखना हाेगा. एग्जाम हाॅल के बाहर साेशल डिस्टेंसिंग के नियमाें की पालना करने के लिए स्टूडेंट्स की एंट्री और एक्जिट एक साथ नहीं हाेेगी.

कोरोना संक्रमण को देखते हुए एनटीए ने गाइडलाइन जारी की है। इसके अनुसार, स्टूडेंट्स को कोविड-19 के संबंध में सैल्फ अटेस्टेड फॉर्म देना होगा. रफ वर्क के लिए शीट डेस्क पर ही मिलेंगी. पर्यवेक्षक को ग्लव्स पहनकर शीट उपलब्ध कराना होंगी. हर शिफ्ट के बाद सीट, मॉनिटर, की-बोर्ड, माउस आदि को सेनेटाइज किया जाएगा. पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारी होगी कि सभी प्रक्रियाएं टच फ्री हों, जिससे शारीरिक दूरी के नियमों का पालन किया जा सके.

 

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