जयपुर: 90 फ़ीसदी मरीजों को नहीं अस्पताल की जरूरत घर में रहकर हो सकते हैं स्वस्थ

Smart News Team, Last updated: 29/08/2020 12:09 PM IST
  • जयपुर के सेकंड सीएमएचओ डॉक्टर सुरेंद्र सैनी ने बताया कि शहर के 90 फीसदी पेशेंट ए सिम्पोमैटिक हैं. जिन्हें अस्पताल में लाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी क्योंकि यह घर पर ही रह कर शीघ्र स्वस्थ हो सकते हैं.
प्रतीकात्मक तस्वीर

लगातार बढ़ते जा रहे कोरोना संक्रमण के मामलों को लेकर सरकार चिंता व्यक्त कर रही है. शहर के निजी अस्पतालों में बेड फुल होने की सूचनाएं मिल रही हैं. वही सरकारी अस्पताल इस बात से इंकार कर रहे हैं. गौरतलब है कि वर्तमान में कोरोना संक्रमण लोगों के लिए एक मुसीबत बन कर सामने खड़ा हुआ है. इसमें लगातार मरीजों की संख्या में इजाफा होता जा रहा है. जयपुर में भी लगातार कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं तथा लोगों में इलाज व टेस्ट को लेकर चिंता भी बढ़ी हुई है.

शहर के प्राइवेट अस्पताल फुल होने का दावा कर रहे हैं. उनके अनुसार यदि अगले 15 दिन तक लोगों ने सावधानी नहीं बरती तो संक्रमण इसी तरह से बढ़ेगा और मरीजों को बेड नहीं मिल पाएंगे. जबकि सरकारी अस्पतालों का कहना है कि पेशेंट्स की बढ़ती संख्या के बावजूद भी शहर में बेड की कमी नहीं पड़ेगी. लोगों को पर्याप्त सुविधा और इलाज मिलेगा.

इस संबंध में जयपुर सेकंड के सीएमएचओ डॉ सुरेंद्र सैनी ने बताया कि शहर में 90 फ़ीसदी ऐसे हैं जो ए सिम्पोमैटिक है इन्हें हॉस्पिटल में एडमिट करने की आवश्यकता नहीं है. यह लोग घर में ही रह कर शीघ्र स्वस्थ हो सकते हैं. उन्होंने बताया कि सिर्फ 10% लोगों को ही बेड की आवश्यकता है. उनके लिए पर्याप्त संख्या में अस्पताल में साधन मुहैया हैं. पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर पेशेंट्स मनमर्जी से गवर्नमेंट या निजी अस्पताल में इलाज ले सकते हैं. ए सिम्पोमैटिक पेशेंट होम क्वारेन्टीन में नहीं रहना चाहें तो किसी भी हॉस्पिटल में इलाज करवा सकते हैं.

 

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