जयपुर एयरपोर्ट को लगा कोरोना का ग्रहण, सिर्फ दो यात्रियों को लेकर उड़ा विमान

Smart News Team, Last updated: 15/08/2020 08:53 AM IST
  • जयपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों की रौनक गायब हो गई है. घाटे में चल रही विमान कंपनियाँ अब पहले कोई ऑफर नहीं दे रही हैं. अब टिकट रद्द करवाने पर पैसे रिफंड करने के बजाय दूसरी उड़ान और दूसरी तारीख का विकल्प दिया जा रहा है.
प्रतिकात्मक चित्र 

जयपुर. गुलाबी नगर में हमेशा यात्रियों से खचाखच भरे रहने वाले जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी कोरोना का ग्रहण लगा हुआ है. कोरोना महामारी के चलते जयपुर एयरपोर्ट पर रौनक गायब हो गई है. एयरपोर्ट पर कोरोना से पहले जहां मार्च तक रोजाना घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय समेत 65 से 70 उड़ानों का संचालन होता था, अब अगस्त में यह महज 20 से 24 तक ही सिमट कर रह गया है. लाॅकडाउन से पहले जयपुर एयरपोर्ट पर कोई ना कोई सेलिब्रिटी आता-जाता रहता था. कोरोना के चलते वह भी बंद हो गया है. मई के आखिरी सप्ताह से अब तक एक साथ 24 उड़ानों ने उड़ान नहीं भरी है और औसतन अब भी 6 से ज्यादा उड़ानें रद्द हो रही हैं.

सिर्फ दो यात्रियों को लेकर उड़ा विमान

लॉकडाउन के चलते घाटे में चल रही विमान कंपनियों में 22 मई के बाद खुशी थी कि लॉकडाउन के अपने घाटे की भरपाई कर सकेगी, लेकिन नतीजा इसके उल्टा हुआ. यात्रियों की संख्या नगण्य होने से कंपनियां घाटे से नहीं उबर पा रही हैं. गुरुवार को जयपुर से आगरा के लिए एक उड़ान ने सिर्फ दो यात्रियों को लेकर उड़ान भरी.

ऑफर हुए बंद, यात्रियों को वापस नहीं हो रही टिकट की राशि

यात्रियों को पहले कई ऑफर दिए गए थे, लेकिन नतीजा कंपनियों के लिए शून्य ही रहा. ऐसे में अब पहले से घाटे में चल रही एयरलाइंस कंपनियां कोई ऑफर भी नहीं दे रही हैं. साथ ही अगर अब कोई यात्री टिकट रद्द करवाता है तो उसे पैसे रिफंड करने के बजाय दूसरी उड़ान और दूसरी तारीख का विकल्प दिया जा रहा है. वहीं कई बार कम यात्री भार के चलते एयरलाइंस भी उड़ानों को रद्द कर रही है और यात्रियों के टिकट की राशि क्रेडिट शैल में भेजी जा रही है. जिसका उपयोग सालभर में यात्रा के लिए किया जा सकता है. लेकिन क्रेडिट शैल भी यात्रियों को रास नहीं आ रहा है.

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