राजस्थान के सबसे बड़े कोविड अस्पताल में बेड फुल, बरामदे में हुआ मरीजों का इलाज

Smart News Team, Last updated: Mon, 19th Apr 2021, 2:10 PM IST
  • राजधानी जयपुर में स्थित प्रदेश का सबसे बड़ा कोविड अस्पताल आरयूएचएस मरीजों से पूरी तरह भर चुका है. जिस कारण बरामदें में बेड लगाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है. वहीं संक्रमण को रोकने के लिए राज्य सरकार ने 3 मई तक जन अनुशासन पखवाड़ा लागू किया हुआ है. जिसमें केवल जरूरी सेवाएं ही चालू रहेंगी.
राजस्थान के सबसे बड़े कोविड अस्पताल में बेड फुल, बरामदे में हुआ मरीजों का इलाज (प्रतीकात्मक तस्वीर)

जयपुर. राजस्थान में कोरोना के मामले आए दिन रिकोर्ड तोड़ रहे है. कोरोना वायरस रफ्तार से अपने पैर पसार रहा है. राज्य में सबसे ज्यादा खराब हालत जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा की है. आलम यह है कि जयपुर में स्थित राज्य का सबसे बड़ा कोविड अस्पताल भी पूरी तरह से मरीजों से भरा हुआ है एवं मरीजों की भीड़ बढ़ती ही जा रही है. इस कारण अस्पताल के बरामदों में बेड लगाने पड़ रहे है. प्रदेश की स्थिति ऐसी है कि अगर कोरोना संक्रमण के फैलाव पर जल्द ही अंकुश नहीं लगा तो हालात अधिक खराब हो सकते है.

बीते रविवार को जयपुर में दस हजार से अधिक नए मामले सामने आए है. वहीं 42 लोगों ने इस वायरस के कारण अपनी जान गंवाई है. इसके अलावा रविवार को जोधपुर में 1695, उदयपुर में 1001 एवं कोटा में 1116 पॉजिटिव केस सामने आए है. बढ़ते संक्रमण पर काबू पाने के लिए और इस वायरस की चेन को तोड़ने के लिए राजस्थान सरकार ने 3 मई तक जन अनुशासन पखवाड़ा लागू किया है. जिसके तहत राज्य में जरूरी सेवाओं को छोड़कर अन्य सभी कार्यालय, बाजार एवं संस्थान को 3 मई तक बंद रखा जाएगा एवं कर्फ्यू वाली सभी बाध्यताएं लागू रहेंगी.

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राजधानी जयपुर में स्थित अस्पताल आरयूएचएस में 1200 बेड, 205 आईसीयू बेड एवं 167 वेंटिलेटर पूरे भर चुके है. यहाँ अस्पताल में मरीजों की बढ़ती भीड़ के कारण बरामदों में भी बेड लगाकर मरीजों का इलाज किया जा रहा है. वहीं बढ़ते मामलों को देखकर सरकार ने ऑक्सीजन सिलेंडरों की प्रदेश के सभी जिलों में पुख्ता व्यवस्था कराने को कहा है. साथ ही संबंधित अधिकारी ऑक्सीजन की सप्लाई पर अपनी नजर बनाए हुए है एवं पुलिस व प्रशासन भी पूरे अलर्ट मोड में है.

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