जयपुर: ऑनलाइन सुनवाई के दौरान हुक्का गुड़गुड़ाते वकील को कोर्ट ने दी नसीहत

Smart News Team, Last updated: 14/08/2020 09:37 AM IST
  • कोर्ट में चल रही थी ऑनलाइन सुनवाई, वकील पी रहे थे हुक्का. गुटका चबाते हुए वकील को भी नसीहत देते हुए समझाया. शीर्ष अदालत में गुटखा खा रहे थे वकील साहब.
प्रतीकात्मक तस्वीर 

जयपुर। राजस्थान के जयपुर में ऑनलाइन सुनवाई के दौरान हुक्का गुड़गुड़ा रहे वकील को कोर्ट ने चेतावनी देते हुए समझाने एवं एक अन्य सुनवाई के दौरान ही गुटका चबा रहे वकील को भी नसीहत देते हुए छोड़ने का मामला सामने आया है. इस दौरान कोर्ट ने दोनों को हुक्का व गुटका को स्वास्थ्य के लिए खतरा बताते हुए नसीहत दी. जिस पर वकीलों ने गलती स्वीकार करते हुए कोर्ट से माफी मांगी.

देश की अदालतों में जब से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए ऑनलाइन सुनवाई शुरू हुई है, वकील रोज कुछ न कुछ हरकतें करते हुए पकड़े जा रहे हैं. ज्ञात हो कि गुरुवार को उच्चतम न्यायालय में एक वकील गुटखा खाते पकड़े गए तो मंगलवार को राजस्थान उच्च न्यायालय में वरिष्ठ वकील राजीव धवन हुक्का गुड़गुड़ाते पाए गए.

दोनों मामलों में अदालतों को नसीहतें देनी पड़ीं. गुरुवार को न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बहस कर रहे वकील को गुटखा खाते हुए देख लिया.

अदालत ने पूछा ये क्या कर रहे हो तो वकील साहब ने तुरंत माफी मांगी. अदालत ने उन्हें छोड़ते हुए कहा कि आगे से ऐसा मत कीजिए.

उधर, राजस्थान उच्च न्यायालय की एक ऑनलाइन सुनवाई के दौरान मंगलवार को वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन को हुक्का गुड़गुड़ाते देखकर न्यायाधीश ने उन्हें धूम्रपान के खतरों के बारे में सलाह दी. वीडियो क्लिप में सुनवाई के दौरान धवन अपने चेहरे के सामने कुछ कागज पकड़े हुए दिख रहे हैं और इसके पीछे धुएं के छल्ले निकलते दिखाई दे रहे हैं. जब वकील कागज को अलग रख देते हैं तो कुछ सेकेंड की इस कथित क्लिप में हुक्के की नोंक दिखाई देती है. धवन बसपा के छह विधायकों की ओर से पेश हुए थे. इन विधायकों के राजस्थान में कांग्रेस में विलय को बसपा और भाजपा के एक विधायक द्वारा चुनौती दी गई है.

सुनवाई के दौरान हल्के-फुल्के अंदाज में न्यायमूर्ति गोयल ने धवन को सलाह दी कि उन्हें अपनी इस उम्र में धूम्रपान छोड़ देना चाहिए, क्योंकि यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है. धवन ने जवाब दिया कि वह इस सलाह का पालन करेंगे. उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वह वीडियो कॉन्फ्रेंस की सुनवाई के आदी नहीं हैं, लेकिन स्थिति का सामना करने की कोशिश कर रहे हैं.

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