जयपुर: नए सत्र से एमबीबीएस में कोविड मैनेजमेंट की भी होगी पढ़ाई

Smart News Team, Last updated: Tue, 1st Sep 2020, 12:31 PM IST
  • जयपुर. नए कोर्स में कोरोना वायरस के इतिहास से लेकर उपचार, सामाजिक व कानूनी पहलुओं का अध्ययन शामिल. 80 घंटे का महामारी प्रबंधन कोर्स जोड़ा गया.
प्रतीकात्मक तस्वीर 

जयपुर| जयपुर देशभर में एमबीबीएस करने वाले छात्रों को नए सत्र से कोविड-19 महामारी के बारे में भी पढ़ाया जाएगा. एमबीबीएस में 80 घंटे का नया कोर्स महामारी प्रबंधन जोड़ा गया है. इसमें कोरोना वायरस के इतिहास से लेकर उपचार, सामाजिक व कानूनी पहलुओं का अध्ययन शामिल है.

मेडिकल छात्रों को अब तक फैले रोग जैसे प्लेग, कॉलेरा, एशियन फ्लू, स्वाइन फ्लू, एचआईवी के साथ कोविड-19 के केसेज, डेथ, रिकवरी, संक्रमित केसेज व डेथ कंट्रोल प्रबंधन की पढ़ाई भी करवाई जाएगी. इसके अलावा मौत से लड़कर कोरोना को मात देने की कहानी भी बताई जाएगी. इसे सक्सेस स्टोरिज के साथ शामिल किया जाएगा. कोरोनाकाल मे हुई मेडिकल रिसर्च को भी सम्मलित किया जाएगा. मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस (बीओजी) ने यह महामारी प्रबंधन कोर्स जारी किया है.

कोर्स में सैंपल कलेक्शन, आरटी-पीसीआर, एंटीजन रैपिड टेस्ट, आईसीयू मैनेजमेंट, क्वारेन्टाइन, होम आइसोलेशन, डेड बॉडी का दाह संस्कार, सोशल डिस्टेसिंग, एन-95 मास्क, पीपीई किट, उपचार और टीकाकरण शामिल किया गया हैं. कम्यूनिटी मेडिसिन, फार्माकोलाॅजी व माइक्रोबायलाजी आदि विभागों के जिम्मे इस कोर्स की पढ़ाई होगी.

एमसीआई के बोर्ड ऑफ गवर्नेंस के अध्यक्ष डॉ. वीके पॉल ने बताया कि विशेषज्ञों ने महामारी प्रबंधन मॉड्यूल के नाम से दस्तावेज तैयार किया है. इससे एमबीबीएस स्टूडेंट न केवल बीमारी से निपटने में दक्ष होंगे, बल्कि बीमारी के दौरान उत्पन्न होने वाले कारणों का समाधान भी आसानी से कर सकेंगे.

वहीं, जयपुर के एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भंडारी का कहना है कि कोरोना महामारी को एमबीबीएस में शामिल कर भावी डॉक्टरों को क्लिनिशयन के साथ-साथ अच्छे कम्युनिकेटर, हेल्थ टीम का लीडर बनने के लिए जरूरी स्किल्स सीखने को मिलेगा.

 

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