जयपुर: उपनेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर स्थानांतरण के भय का लगाया आरोप

Smart News Team, Last updated: Thu, 17th Sep 2020, 11:23 PM IST
  • जयपुर.ग्राम पंचायत चुनाव में राज्य कर्मचारियों के स्थानांतरण का दिखाया जा रहा है भय . 7 सितंबर को अधिसूचना जारी होने के बाद 44 आबकारी अधिकारियों के स्थानांतरण कर दिए गए. आचार संहिता के चलते 26 जिलों में नहीं हो सकते नियमानुसार स्थानांतरण. 
राजेंद्र राठौड़

जयपुर। पंचायत चुनाव नजदीक आते ही पक्ष और प्रतिपक्ष दोनों एक दूसरे के ऊपर आरोप प्रत्यारोप लगाना शुरू कर दिए हैं. इस दौरान राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सरकार पर जमकर निशाना साधा है. राजेंद्र राठौर ने सवाल दलों पर बैन हटाने को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की है.

राठौर ने कहा कि ग्राम पंचायत चुनाव में सत्तारूढ़ जनप्रतिनिधियों द्वारा राज्य कर्मचारियों के स्थानांतरण का भय दिखाया जा रहा है. इस दौरान कई कर्मचारियों के तबादले भी कर दिए गए. तबादले का भय दिखाकर कर्मचारियों को अपने पक्ष में किए जाने का आरोप लगाया गया है. राठौड़ ने कहा कि 34 दिन लगातार अंतर्विरोध से डगमगाई सरकार ने बाड़ाबंदी के दौरान भी विधायकों से स्थानांतरण के लिए अभिशंषा ली थी. उन्हें पूरा करने के लिए तबादले शुरू किए गए हैं.

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जबकि राज्य में सरपंच व पंचों के चुनाव की अधिसूचना 7 सितंबर को जारी कर दी थी. आचार संहिता लागू होने के बावजूद भी सरकार ने 44 आबकारी अधिकारियों के स्थानांतरण कर दिए, जिन्हें निर्वाचन आयोग की ओर से रद्द करने से सरकार की किरकिरी हुई है.

आचार संहिता के चलते 26 जिलों में नियमानुसार स्थानांतरण नहीं किया जा सकता. बावजूद इसके इन जिलों में कई अधिकारियों व कर्मचारियों के स्थानांतरण किए गए हैं. स्थानांतरण पर रोक हटाने का निर्णय सरकार द्वारा ग्राम पंचायत के चुनाव में राज्य कर्मचारियों को स्थानांतरण की धमकी से अपने पक्ष में प्रचार करने का प्रयास है.

स्थानांतरण स्वीकार नहीं

राठौड़ ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग ने अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) को भेजे पत्र में सख्त लहजे व गंभीरतापूर्वक राज्य सरकार को स्पष्ट संकेत दिया है कि आचार संहिता होने के बावजूद आयोग की अनुमति के बिना स्थानांतरण स्वीकार नहीं होगा. राठौड़ ने मांग की है कि कर्मचारी व अधिकारियों के स्थानान्तरण आदेश पर तत्काल रोक लगाई जाए.

 

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