जयपुर: खड़े वाहनों पर हर माह जयपुर नगर निगम खर्च कर रहा 2.34 लाख रुपये

Smart News Team, Last updated: 15/09/2020 10:11 AM IST
  • जयपुर. नगर निगम ने डोर टू डोर कचरा संग्रहण किए जाने के लिए 50 तीन पहिया और 50 चार पहिया हूपर खरीदे थे. मगर उनका प्रयोग आज तक नहीं किया गया. निगम गैराज में खड़े हूपर के कंपनी को करीब 39 हज़ार रुपए प्रतिमाह मेंटेनेंस के नाम पर भुगतान कर रही है.
जयपुर नगर निगम की बिल्डिंग 

जयपुर| जयपुर नगर निगम इन दिनों लाखों रुपए खड़े वाहनों पर बिना मतलब के खर्च कर रही है. निगम ने पांच लाख घरों से कूड़ा संग्रहण करने के लिए हूपर खरीदे थे. मगर उनका प्रयोग आज तक नहीं किया है. जिससे निगम अब खड़े हूपर पर प्रतिमाह लाखों रुपए खर्च कर रही है.

बताते चलें कि नगर निगम ने डोर टू डोर कचरा संग्रहण किए जाने के लिए 50 तीन पहिया और 50 चार पहिया हूपर क्रय किए थे. निगम और कॉन्टिनेंटल इंजिन प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुए टेंडर के मुताबिक कंपनी को ही एक साल तक खरीदे गए हूपर का मेंटेनेंस करना था और गारंटी वारंटी थी. मगर नगर निगम के अधिकारियों ने 50 हूपरो के लिए अलग से एक कंपनी को मेंटेनेंस करने का टेंडर दे दिया.

इसमें खास बात यह रही कि खरीदे जाने के बाद सभी हूपर मानसरोवर बैराज में खड़े हैं. अभी तक इन हूपरों से आज तक कचरे का संग्रह नहीं कराया गया है. गैराज में खड़े हूपर का कंपनी को करीब 39 हज़ार रुपए प्रतिमाह मेंटेनेंस के नाम पर भुगतान कर रही है. निगम के अफसरों ने अनियमित रूप से अभी तक लाखों रुपए का भुगतान कंपनी को कर दिया है.

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बताते चलें मार्च माह में नगर निगम ने 100 हूपर खरीदे थे. अधिकारियों को 50 तीन पहिया हूपर खरीदने के लिए 2 करोड़ 25 लाख की स्वीकृति मिली थी. अधिकारियों ने खुद ही दो करोड़ 30 लाख रूपए खर्च कर दिए. 50 चार पहिया हूपर निगम ने दो करोड़ 85 लाख में खरीदे थे. निगम द्वारा हूपर खरीदने का मकसद था कि डोर टू डोर कचरा संग्रहण के लिए कंपनी को किराए पर देकर चलाएं. मगर बीवीजी में एमओयू का प्रावधान था कि कंपनी कचरे का संग्रहण करेगी. इसके बावजूद अधिकारियों ने बिना किसी उपयोग के ही हूपरो की खरीद कर ली.

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