जयपुर ग्रेटर नगर निगम मेयर निलंबन मामला पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, जल्द होगी सुनवाई

Smart News Team, Last updated: Sun, 11th Jul 2021, 2:50 PM IST
  • चेयरमैन बढ़ाने के लिए अब यूडीएच मंत्री को भी साथ लेकर मंजूरी आवश्यक है. इधर, चेयरमैन नहीं बनने से निगम के जो सारे काम कमेटियों के जरिए लगातार मॉनिटर किए जाते हैं, वो टल रहे हैं. पार्षद भी अपनी भागेदारी के लिए लगातार दबाव बना रहे हैं.
जयपुर ग्रेटर की महापौर सौम्या गुर्जर

जयपुर ग्रेटर नगर निगम निलंबित मेयर का मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है. कोर्ट मेॆं सुनवाई करी सबी प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है. लगभग एक महीने से ऊपर होने को है लेकिन अभी तक विवाद पर पूर्णविराम नहीं लगा है. वही भाजपा की तरफ से मामले को देख रहे वरिष्ठ नेता अरूण चतुर्वेदी ने बताया कि उनकी तरफ से एसएलपी पेश कर दी गई है. माना जा रहा है कि अगले हफ्ते तक केस की सुनवाई हो सकती है. बता दें पूर्व मेयर सौम्या गुर्जर के निलंबन के बाद शीलधाभाई ने यहें का कार-भार संभाला है. 

वहीं कांग्रेस बोर्ड वाले हेरिटेज निगम में 8 माह बाद भी कमेटियां लापता हैं. बताया जा रहा है कि मेयर के हाथ से कामकाज की चाबी विधायकों के पास चली गई है. हेरिटेज बोर्ड के क्षेत्राधिकार वाले निगम एरिया में चारों विधायक कांग्रेस की है. इन कमेटियों में हिस्सेदारी बढ़ाने की बात ना बनी तो सदस्यों द्वारा चेयरमैन को बढ़ाने की योजना बनाई गई. हालांकि यह योजना भी पूरी होती नजर नहीं आ रही है. 

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एक तरफ जनता को काम जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया जा रहा है लेकिन जब काम की बात की जाए तो ऐसा कुछ हो नहीं रहा है. वहीं दूसरी तरफ चेयरमैन बढ़ाने के लिए यूडीएच मंत्री की मंजूरी भी आवश्यक है. चेयरमैन ना बनने का वजह से कमेटियों द्वारा किए जाने वाले काम भी लटकाए जा रहे हैं. पारषदों द्वारा भी अपनी भागीदारी को लेकर दवाब बनाया जा रहा है. बता दें कि यह हिस्सेदारी काम को तेजी से पूरा करने के लिेए की गई थी. निगम में सफाई को लेकर प्रतिदिन लगभग 1 हजार के आसपास शिकायतें आ रही है. जिसमें नालियों की सफाई का मामला भी जुड़ा है. 

 

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