जयपुर: बढ़ते मरीजों से अस्पतालों की हालत नाजुक, निजी अस्पताल खोले जाने की मांग

Smart News Team, Last updated: Fri, 4th Sep 2020, 11:09 AM IST
  • जयपुर. प्रदेश के बड़े-बड़े अस्पताल में मरीजों के लिए बेड उपलब्ध नहीं है. इसका प्रमुख कारण यह है कि लगातार संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है. निजी अस्पतालों को भी निर्देश दिए जाने चाहिए कि वह संक्रमित मरीजों का उपचार करें.
प्रतीकात्मक तस्वीर 

जयपुर| अनवरत बढ़ते जा रहे संक्रमित मरीजों की संख्या से अस्पतालों की हालत नाजुक होती जा रही है. हालात यह हैं कि प्रदेश के बड़े-बड़े अस्पताल में मरीजों के लिए बेड उपलब्ध नहीं है. इस कारण उनकी जिंदगी दांव पर लगी हुई है.

राजस्थान के सबसे बड़े अस्पताल राजस्थान यूनिवर्सिटी आफ हेल्थ साइंस में भी मरीजों के लिए समुचित बेड की व्यवस्था नहीं हो पा रही है. इसका प्रमुख कारण यह है कि लगातार संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है. पिछले चार दिनों में जिन पांच लोगों की मौत हुई उन्हें वेंटिलेटर और ऑक्सीजन तक नहीं मिल सकी. इसलिए उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी.

प्रदेश में हर दिन बढ़ते केस की वजह से गंभीर मरीजों को जयपुर भेजा जा रहा है लेकिन उन्हें भी वहां बेड नहीं मिल पा रहे हैं.

गौरतलब है कि आरयूएसएच में 26 बेड आईसीयू के हैं जो सभी फुल हैं. इसके अलावा ऑक्सीजन की कमी भी लगातार अस्पताल में हो रही है. इसलिए मरीजों को ऑक्सीजन वाले बेड नहीं मिल पा रहे हैं. यहां पर वेंटिलेटर भी नहीं है.

कोविड इंचार्ज आरयूएसएच डॉ आर एस तंवर ने बताया कि अस्पताल की जितनी कैपेसिटी है उतने मरीज यहां पर पहले से ही मौजूद हैं. यहां ऑक्सीजन की भी कमी है. उनके द्वारा जो प्रयास करने चाहिए वह कर रहे हैं. अस्पताल का स्टाफ संक्रमित मरीजों को ठीक करने के लिए पूरी ताकत लगाए हुए हैं. स्टाफ 18 घंटे काम कर रहा है. उन्होंने कहा जयपुरिया या अन्य अस्पताल शीघ्र शुरू करने होंगे. निजी अस्पतालों को भी निर्देश दिए जाने चाहिए कि वह संक्रमित मरीजों का उपचार करें. जिससे कि अधिक से अधिक मरीजों की जान को बचाया जा सके.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें