जयपुर: बिना 'माननीय' के बैठक कर निर्णय लिया तो अधिकारियों पर गिरेगी "गाज"

Smart News Team, Last updated: 16/08/2020 11:58 AM IST
  • कई बार देखने में आता है कि अधिकारी सरकारी कमेटियों की बैठक उनमें मनोनित विधायकों की गैर मौजूदगी में कर लेते है. साथ ही कई बड़े फैसले भी इन बैठकों में हो जाते है. लेकिन, अब ऐसा नहीं होगा और यदि हुआ तो अधिकारियों पर गाज गिर सकती है.
राजस्थान विधानसभा

जयपुर- विभिन्न सरकारी कमेटियों में बतौर सदस्य मनोनीत होने वाले विधायकों की मौजूदगी के बिना कोई बैठक कर निर्णय लेने पर अफसरों के खिलाफ कार्यवाही करने संबंधी परित्रप सभी विभागों को भेजा गया है. हालांकि विभिन्न विभागों, जिला कलेक्टरों और संभागीय आयुक्तों को यह दिशा निर्देश विधानसभा सत्र को देखते हुए जारी किए गए हैं. इसका कारण यह बताया का रहा है कि विधायकों के विधानसभा सत्र में भाग लेने के कारण काफी बार राज्य स्तरीय, जिला एवं तहसील स्तरीय कई कमेटियों में निर्णय ले लिए जाते हैं.

जन प्रतिनिधि जताते थे नाराजगी

दूसरी ओर जब इस तरह की बैठकें हो जाती थी और निर्णय ले लिए जाते है तो जनप्रतिनिधि नाराजगी जताते हैं. साथ ही जन प्रतिनिधि यह भी कहते है कि जिस कमेटी में उन्हें मनोनीत किया जाता है और उसकी बैठक में उनके शामिल हुए बिना निर्णय कर लिए जाते हैं तो ऐसे मनोनयन का भी कोई मतलब नहीं रह जाता है. ऐसे में संसदीय कार्य विभाग ने सभी विभागों और जिला, संभाग के अफसरों को निर्देश दिए हैं कि वो विधानसभा सत्र चलने के दौरान ऐसी कोई बैठक नहीं करें, जिसमें विधायक मनोनीत सदस्य होते हैं. अगर ऐसा किया जाएगा तो इसे विशेषाधिकार का हनन मानते हुए विशेषाधिकार समिति के समक्ष रखकर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है. इसलिए संसदीय कार्य विभाग ने यह हिदायत दी है कि विधानसभा सत्र के दौरान अगर किसी विशेष परिस्थिति के कारण बैठक करना बहुत जरूरी हो तो संबंधित विधानसभा सदस्य की पूर्व में इसके लिए सहमति ले ली जाए.

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