जयपुर: लेटर बम ने गरमायी सियासत, खान मंत्री को चौतरफा घेरने की कोशिश

Smart News Team, Last updated: Sat, 19th Sep 2020, 11:10 AM IST
  • जयपुर. हाड़ौती में कांग्रेस के कद्दावर नेता खान मंत्री प्रमोद जैन भाया को घेरने के लिये उनके विरोधियों ने चौतरफा मोर्चे खोल दिये हैं. नरेश मीणा ने खुद के फेसबुक पेज पर भाया के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां भी की हैं. नरेश मीणा राजस्थान यूनिवर्सिटी में राजनीति करते रहे हैं.
प्रतीकात्मक तस्वीर 

जयपुर| खान मंत्री प्रमोद जैन भाया के खिलाफ उनके विरोधियों के मोर्चा खोलने से हाड़ौती की सियासत गरमा गई है. भाया के संभाग के कांग्रेस विधायक भरत सिंह के लेटर बम के बीच अब उनके गृह जिले बारां में सचिन पायलट के समर्थक युवा नेता नरेश मीणा ने भी मोर्चा खोल दिया है. भाया ने बुधवार को सचिन पायलट से मिलकर नरेश मीणा की शिकायत भी की है. भाया पर जो आरोप भरत सिंह ने उनका बिना नाम लिये सीएम को लिखी चिट्ठी में लगाए हैं उससे भी तीखे आरोप नरेश मीणा खुले आम लगा रहे हैं.नरेश मीणा ने भाया को मंत्री पद से हटाने के लिए सोशल मीडिया पर मुहिम छेड़ रखी है. नरेश मीणा ने खुद के फेसबुक पेज पर भाया के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां भी की हैं. नरेश मीणा राजस्थान यूनिवर्सिटी में राजनीति करते रहे हैं. मीणा पहले किरोड़ीलाल मीणा के समर्थक थे. लेकिन अब वे सचिन पायलट के साथ हैं. उन्होंने सचिन पायलट के जन्मदिन पर बारां में रक्तदान शिविर भी लगाया था.

मंत्री भाया ने की पहले पायलट से फिर सीएम गहलोत मुलाकात

अपने खिलाफ मोर्चों से परेशान मंत्री प्रमोद जैन भाया ने बुधवार को सचिन पायलट से मुलाकात के बाद सीएम अशोक गहलोत से भी मुलाकात कर करीब एक घण्टे तक चर्चा की. भाया ने भरत सिंह चिट्ठी प्रकरण पर सीएम से चर्चा की. इसके साथ ही पायलट से मुलाकात को लेकर भी चर्चा हुई.

प्रमोद जैन भाया के विरोधियों ने खोले अलग-अलग फ्रंट

कांग्रेस की राजनीति में प्रमोद जैन भाया की गिनती हाड़ौती के बड़े जनाधार वाले नेताओं में होती है. यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल भाया के विरोधी हैं वहीं पूर्व मंत्री और कोटा के सांगोद से कांग्रेस के विधायक भरत सिंह ने लंबे समय से उनके खिलाफ मोर्चा खोल रखा है. बारां की कांग्रेस राजनीति भाया के इर्द गिर्द ही घूमती है. लेकिन अब युवा नेता नरेश मीणा ने उनके खिलाफ मुहिम छेड़ रखी है. भाया के खिलाफ अलग अलग मोर्चे खुलने के पीछे की वजह कांग्रेस की गुटबाजी है. मंत्री भाया चुनाव से पहले तक सचिन पायलट खेमे में थे. लेकिन चुनाव के बाद से वे सीएम अशोक गहलोत के साथ आ गये.

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