जयपुर: मौत को हराकर 4 दिन बाद कुएं से जिंदा निकला युवक

Smart News Team, Last updated: Fri, 4th Sep 2020, 11:57 AM IST
  • जयपुर. सुनसान जगह होने के कारण युवक के गिरने की किसी को जानकारी नहीं हो सकी. पुलिस ने उसे कुएं से बाहर निकाला और उपचार के लिए जयपुर के अस्पताल में भर्ती कराया. रिजर्व फैट के जरिए युवक के शरीर में एनर्जी की आपूर्ति होती रही इसलिए उसकी जान बच सकी.
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर| जाको राखे साइयां मार सके ना कोई वाली कहावत आज एक बार फिर चरितार्थ हो गई. जिसमें चार दिन से एक युवक भूखा प्यासा कुएं में पड़ा रहा. उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर राहगीरों द्वारा पुलिस को सूचना दी गई. सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने उसे कुएं से बाहर निकाला और उपचार के लिए जयपुर के अस्पताल में भर्ती कराया.

दोसा के समीप भांडारेज मोड़ पर पैर फिसलने से गत दिनों जसोता निवासी महेंद्र कुमार बावरिया रास्ते में पानी भर जाने के कारण डंडे के सहारे सड़क की ओर जा रहा था. तभी पैर फिसलने से वह 20 फुट गहरे कुएं में जा गिरा. सुनसान जगह होने के कारण युवक के गिरने की किसी को जानकारी नहीं हो सकी. दिगंबर कॉलेज के समीप रहने वाले मूर्तिकारों का परिवार जब मकान की छत पर गया तो उसने कुएं से कुछ आवाजें आती सुनी. इसकी जानकारी उसने आस-पड़ोस के लोगों को दी तथा पुलिस को भी सूचना दी. पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से उसे बाहर निकाला और जिला अस्पताल में भर्ती कराया.

 

जयपुर के प्रतापनगर वार्ड 46 के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ पंकज शर्मा ने बताया कि कुएं में धूप नहीं थी और यह मौसम भी नमी वाला है. इसलिए पानी की कम जरूरत पड़ी. रिजर्व फैट के जरिए युवक के शरीर में एनर्जी की आपूर्ति होती रही इसलिए उसकी जान बच सकी. फिलहाल युवक पूरी तरह से स्वस्थ है.

अस्पताल में भर्ती महेंद्र कुमार बावरिया ने बताया कि चार दिनों तक जब कुएं में पड़ा चीखता चिल्लाता रहा तब किसी ने उसकी आवाज नहीं सुनी. तो उसे यह महसूस होने लगा कि अब वह यहां से नहीं निकल पाएगा. मगर भगवान ने उसकी प्रार्थना सुन ली और वह बाहर निकल सका.

 

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