सौम्या गुर्जर विवाद में गहलोत सरकार के खिलाफ भाजपा का राजस्थान में प्रदर्शन

Smart News Team, Last updated: Wed, 9th Jun 2021, 7:10 PM IST
  • जयपुर ग्रेटर नगर निगम में महापौर विवाद के विरोध में भाजपा के कार्यकर्ताओं ने गहलोत सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया.
जयपुर ग्रेटर नगर निगम में महापौर विवाद को लेकर राजस्थान में भाजपा कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

जयपुर ग्रेटर नगर निगम में हुए सौम्या गुर्जर विवाद को लेकर राजस्थान के सभी मंडलों के भाजपा कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को प्रदर्शन किया. भाजपा कार्यकर्ताओं ने काली पट्टी बांधकर गहलोत सरकार के फैसले का विरोध और नारेबाजी की. प्रदर्शन में भाजपा के पदाधिकारियों ने तख्तियों पर नारे लिखकर, काली पट्टी बांधकर और काले झंडे दिखाकर गहलोत सरकार के खिलाफ धरना प्रदर्शन किया. 

प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने बताया कि प्रदेशभर के एक हजार से अधिक मण्डलों पर कोविड प्रोटोकॉल का पालन करते हुए गहलोत सरकार की तानाशाही व असंवैधानिक फैसले के खिलाफ धरना-प्रदर्शन किया गया. बता दें कि यह प्रदर्शन भाजपा कार्यकर्ताओं ने सरकार द्वारा अलोकतांत्रिक तरीके से जयपुर ग्रेटर नगर निगम की महापौर व तीन अन्य पार्षदों को निलम्बित करने, बिगड़ी हुई कानून व्यवस्था, लम्बित भर्तियों, सम्पूर्ण किसान कर्जमाफी सहित विभिन्न जनहित के मुद्दों को लेकर किया है. 

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प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने सीएम अशोक गहलोत के खिलाफ यह भी कहा कि ‘अशोक गहलोत बात-बात पर नैतिकता और लोकतंत्र की दुहाई देते हैं, लेकिन ‘‘हाथी के दाँत खाने के और-दिखाने के और हैं. उनकी कथनी और करनी में फर्क है जयपुर ग्रेटर नगर निगम की महापौर व तीन अन्य पार्षदों को निलम्बित किया जाना अपने आप में प्रतिशोध एवं विद्वेष को साबित करता है’’ भाजपा प्रदेश कार्यालय परिसर के बाहर प्रदर्शन के दौरान भाजपा नेताओं ने गहलोत सरकार को तानाशाह बताते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की. 

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अध्यक्ष पूनिया ने कहा कि “नगरपालिका अधिनियम की धारा 39 का दुरूपयोग प्रदेश में पहली बार हुआ है. यह साफ तौर पर कांग्रेस की खीज और बौखलाहट है. जयपुर शहर में भाजपा को बड़ा जनादेश मिला, कांग्रेस को मुँह की खानी पड़ी, उसी समय से मुख्यमंत्री के मन में ये बौखलाहट है. अफसर व जनप्रतिनिधियों के सामान्य वाद-विवाद को उन्होंने आपराधिक मुकदमों में तब्दील किया, ये दुर्भाग्यपूर्ण, शर्मनाक एवं अलोकतांत्रिक है.”

 

 

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