Cyber Crime: जयपुर पुलिस ने साइबर ठगी की शिकायत के लिए जारी किया टॉल फ्री नंबर

ABHINAV AZAD, Last updated: Sat, 18th Dec 2021, 2:00 PM IST
  • जयपुर पुलिस ने साइबर ठगी से लोगों को बचाने के लिए टॉल फ्री नंबर 155260 जारी किया है. राजस्थान के लोग अब इस नंबर पर कॉल कर साइबर ठगी की शिकायत दर्ज करवा सकते हैं.
(प्रतीकात्मक फोटो)

जयपुर. राजस्थान में साइबर ठगी की वारदात में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. अब जयपुर पुलिस ने साइबर ठगी से लोगों को बचाने के लिए टॉल फ्री नंबर 155260 जारी किया है. राजस्थान के लोग अब इस टॉल फ्री नंबर पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं. दरअसल, साइबर ठगी के शिकार लोग टॉल फ्री नंबर पर पुलिस से शिकायत कर सकते हैं. ताकि, समय रहते कार्रवाई की जा सके और ठगी के पैसे वापस ठगी के शिकार शख्स के अकाउंट में भेजा जा सके.

आंकड़े बताते हैं कि जैसे-जैसे देश में इंटरनेट का इस्तेमाल बढ़ रहा है, वैसे-वैसे साइबर ठगों की चांदी हो रही है. दरअसल, साइबर ठगों के लिए पहले के मुकाबले अब साइबर ठगी को अंजाम देना आसान हो गया है. साइबर अपराध' शब्द संसद द्वारा अधिनियमित किसी भी क़ानून या अधिनियम में कहीं भी परिभाषित नहीं है. एक मायने में, यह पारंपरिक अपराध की अवधारणा से मौलिक रूप से अलग नहीं है, क्योंकि दोनों में आचरण शामिल है चाहे वह कार्य हो या लोप, जो कानून के उल्लंघन का कारण बनता है और इसलिए यह राज्य द्वारा दंडनीय है. साइबर अपराध को किसी भी अवैध आपराधिक गतिविधि के रूप में परिभाषित किया जा सकता है, जो कंप्यूटर का उपयोग या तो एक उपकरण, लक्ष्य या आगे अपराध करने के साधन के रूप में करता है.

शर्मनाक! जयपुर में चाकू दिखाकर 4 दरिंदो ने नाबालिग छात्रा से किया गैंगरेप

साइबर अपराध एक गैरकानूनी कार्य है. जिसमें कंप्यूटर या तो एक उपकरण या लक्ष्य है या दोनों साइबर अपराध में आपराधिक गतिविधियों की एक विस्तृत विविधता शामिल है. कंप्यूटर डेटा या सिस्टम, कंप्यूटर की गोपनीयता, अखंडता और उपलब्धता संबंधित अपराध, सामग्री संबंधी अपराध, कॉपीराइट संबंधी अपराध सभी इसमे शामिल है. साइबर अपराध और पारंपरिक अपराध के बीच अधिक अंतर नहीं है. पारंपरिक अपराध शारीरिक रूप से उपस्थित होकर किए जाते हैं और उन्हीं अपराधों को दूर बैठकर कंप्यूटर के माध्यम से जब किया जाता है. तब वह साइबर अपराध बन जाते हैं. जैसे कि किसी व्यक्ति के साथ ठगी की जाती है कोई कूटरचित दस्तावेज को प्रस्तुत कर पीड़ित को ठग लिया जाता है. तब यह ठगी का अपराध बन जाता है.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें