जयपुर: राजस्थान में सियासी संग्राम थमा लेकिन अब भी बाड़ेबंदी में हैं विधायक

Smart News Team, Last updated: 13/08/2020 12:47 PM IST
  • राजस्थान की सियासत में थमे बवंडर के बाद आज होने वाली विधायक दल की बैठक में पहली बार गहलोत-पायलट की मुलाकात होने वाली है. हालांकि गहलोत समर्थित विधायक पहले ही विरोध जता चुके है. ऐसे में 14 अगस्त से चलने वाला विधानसभा सत्र हंगामेदार रहने के आसार हैं. महीने के आखिरी में कैबिनेट का विस्तार हो सकते है.
कांग्रेस पार्टी

कांग्रेस में 31 दिन चले सियासी शह और मात का यह संग्राम क्रिकेट के टेस्ट मैच की तरह ड्रा हो गया. पूर्व उपमुख्यमंत्री और टोंक विधायक सचिन पायलट अपने समर्थित विधायकों के साथ बिना शर्त के वापस पार्टी में लौट आए हैं और सरकार के साथ खड़े हो गए हैं. आज कांग्रेस के विधायक दल की बैठक होनी है. केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में बैठक होगी. इस बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट गुट का पहली बार आमने सामने होगा.

राहुल गांधी-प्रियंका वाड्रा से मुलाकात के बाद पायलट जयपुर लौटे हैं. इस बीच कांग्रेस के विधायक भी जयपुर लौट चुके हैं, लेकिन अभी भी सभी को बाड़ेबंदी में रखा गया है. सूत्रों की माने तो विधानसभा सत्र खत्म होने के बाद प्रदेश में कैबिनेट में बदलाव हो सकता है.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सत्र से पहले बयान जारी कर कहा है कि कल से विधानसभा शुरू हो रहा है. मुझे उम्मीद है कि प्रदेश में कोरोना की स्थिति और लॉकडाउन के बाद आर्थिक रूप से जो स्थिति बनी है, उसको लेकर खुलकर चर्चा होगी.

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