जयपुर निजी बस चालकों की मुसीबत बढ़ी, फाइनेंस कंपनियों ने शुरू किया बसों को उठाना

Smart News Team, Last updated: Mon, 31st Aug 2020, 2:27 PM IST
  • वर्तमान समय में निजी बसों के संचालकों की हालत बेहद खराब है क्योंकि 35 हजार बसों में से सिर्फ तीन हजार बसें सड़कों पर चल रही हैं. जिससे उन्हें अब किस्त देने में भी समस्या का सामना करना पड़ रहा है.
निजी बस

अनलॉक के चलते निजी बसों में लोग यात्रा करने से डर रहे. इसलिए बसों का संचालन भी पूरी तरह से प्रभावित हो गया है. बसों के संचालन न होने से अब उनके मालिकों पर किस्त चुकाए जाने का संकट खड़ा हो गया है और फाइनेंस कंपनी द्वारा उनकी बसों को उठाए जाने के लिए उन्हें आगाह कर दिया गया है. जिससे बचने के लिए बस संचालक सरकार की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं. निजी वाहन संचालकों के लोगों का कहना है कि जब उनकी बसें यात्रियों को लाने ले जाने का कार्य नहीं करेंगे तो उनकी आमदनी के सारे स्रोत बंद हो जाएंगे. यही कारण है कि वर्तमान समय में बसों का संचालन नहीं हो पा रहा है और कोरोना के चलते यात्री यात्रा करने से परहेज कर रहे हैं.

संचालकों द्वारा बताया गया कि राजस्थान में 35 हजार निजी बसें हैं जिनमें से सिर्फ तीन हजार बसों का संचालन बमुश्किल हो पा रहा है. अब उनके सामने बसों की किस्त चुकाए जाने की समस्या खड़ी हो रही है. वही फाइनेंस कंपनी द्वारा उन्हें चेतावनी भी दे दी गई है कि यदि शीघ्र वह किस्त जमा नहीं करेंगे तो उनकी बस को जब्त कर लिया जाएगा. बसों के संचालकों द्वारा बताया गया कि प्रतिमाह बस चले या न चले फिर भी उसमें एक लाख का खर्चा आता है. अब वह इतना खर्च कहां से वहन करेंगे.

 

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