जयपुर: राजस्थान ने निजी अस्पतालों में कोरोना इलाज के लिए तय की गई नई दरें

Smart News Team, Last updated: 05/09/2020 07:04 AM IST
  • निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों पर होगी कड़ी कार्यवाही. राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त अस्पताल संक्रमित मरीजों से ले सकेंगे 5,000-9000 रुपये तक शुल्क
सांकेतिक तस्वीर 

जयपुर। राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग ने शुक्रवार को राज्य भर के निजी अस्पतालों में कोरोना बीमारी के इलाज के लिए नई दरें निर्धारित की हैं. नई दरों में कोरोना के संक्रमित मरीजों से 5000 रुपये शुल्क लिए जा सकेंगे.

स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि इन निर्देशों का पालन नहीं करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (आरयूएचएस) ने कोरोना के इलाज के लिए राज्य-स्तर के केंद्र के बाद सरकारी जयपुरिया अस्पताल को भी कोरोना के लिए समर्पित घोषित कर दिया.

राज्य सरकार द्वारा जारी की गई नई दर के अनुसार ही इन अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए शुल्क लिए जाएंगे. अब निजी अस्पतालों की मनमानी नहीं चलेगी.

सरकार द्वारा जारी की गई गाइडलाइन व तय मानक के अनुसार ही निजी अस्पताल शुल्क वसूल सकेंगे.

500 बेड से लैस होगा कोरोना इलाज का अस्पताल

बेड की कमी की सूचना पर स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि जयपुरिया अस्पताल में कोरोना मरीजों के बेहतर इलाज की सुविधा प्रदान की जा रही है.

इस अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए 500 बेड की सुविधा उपलब्ध है. 500 मरीजों के इलाज के लिए यह अस्पताल सभी सुविधाओं से लैस है.

राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त और गैर-मान्यता प्राप्त अस्पताल संक्रमित लोगों के लिए 5,000 रुपये तक का शुल्क ले सकते हैं. गंभीर रोगी से 7,500 रुपये और गंभीर रोगी से आईसीयू शुल्क सहित 9,000 रुपये तक शुल्क लिए जाने का प्रावधान जारी किया गया.

दरों में परामर्श शुल्क, पीपीई किट, दवाएं, ट्यूब, बिस्तर और भोजन के लिए शुल्क शामिल हैं.

स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि कोरोना मरीजों से लिए जाने वाली दरें पहले भी घोषित की गई थी लेकिन किस मद में कितना शुल्क लिया जाना है यह पहले तय नहीं किया गया था.

इस बार स्पष्ट रूप से सभी की अलग-अलग दरें घोषित कर दी गई हैं.

स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्धारित किया शुल्क

स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने शुक्रवार को जिले के अधिकारियों सहित मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य के साथ बैठक की. इस दौरान बैठक में कोरोना संक्रमित मरीजों से शुल्क लिए जाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गयी.

स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने कहा कि जिला कलेक्टरों, सरकारी मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों, वरिष्ठ डॉक्टरों और निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा के बाद दरों को फिर से तय किया गया है. उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही लोगों के लिए निजी अस्पतालों में बेड की स्थिति जानने के लिए एक प्रणाली विकसित करेगी ताकि अस्पताल उपलब्ध बेड की संख्या के बारे में झूठ न बोल सकें.

राजस्थान में राष्ट्रीय औसत की तुलना में कम है कोरोना मरीजों की दर

राजस्थान में पॉजिटिव मरीजों की दर 3.6 प्रतिशत है जो कि राष्ट्रीय औसत की तुलना में कम है.

शुक्रवार शाम तक, राज्य ने 2,416,268 लोगों का परीक्षण किया है जिनमें से 87,797 पॉजिटिव पाए गए हैं. एक्टिव मामलों की संख्या 14,790 है. शुक्रवार को जयपुर से 290 सहित 1,570 नए मामले सामने आए है. शुक्रवार को तेरह मौतें भी हुईं.

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