जयपुर: 10 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया रेलवे का प्रोजेक्ट हेल्पर

Smart News Team, Last updated: 27/08/2020 07:45 AM IST
  • जयपुर में एक ठेकेदार को काम दिलाने के नाम पर रेलवे के परियोजना सहायक ने रिश्वत के रूप में माँगे थे 22 हजार रुपए. 10 हजार रुपए रिश्वत लेते एन्टी करप्शन टीम ने रंगे हाथों किया गिरफ्तार.
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर में एन्टी करप्शन ब्यूरो की टीम ने बुधवार को रेलवे में कार्यरत हेल्पर को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया. एसीबी ने यह कार्यवाही डीएसपी सलेह मोहम्मद के निर्देशन में की. बताया जा रहा है कि एक ठेकेदार को उत्तर पश्चिम रेलवे के सेक्शन खानपुर अहीर से अजरका तक के सिंगल लाइन आई.बी.एच. का कार्य दिलाने के एवज में उससे रिश्वत की यह रकम माँगी गयी थी.

डीएसपी सलेह मोहम्मद ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी खानपुर अहीर का रहने वाला मुकेश सिंह उत्तर पश्चिम रेलवे में एस.एंड टी. विभाग में प्रोजेक्ट हेल्पर है. फिलहाल वह सेक्शन अजरका-हरसौली, प्रोजेक्ट एस.एंड टी. उत्तर पश्चिम रेलवे, अलवर में पदस्थापित है. जगदीश पूनिया ने एन्टी करप्शन ब्यूरो में 24 अगस्त को उसके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई थी. जगदीश में अपने शिकायती पत्र में बताया कि ठेकेदार के रूप में उसके कार्य करने का प्रोजेक्ट ओवर करने की एवज में हेल्पर मुकेश सिंह लगभग 22 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है. जिसके बाद एसीबी ने बुधवार को यह कार्यवाही की.

एसीबी टीम के अनुसार हेल्पर मुकेश सिंह ने ठेकेदार जगदीश पूनिया को अजरका रेलवे स्टेशन की एक चाय की थड़ी पर रिश्वत की रकम लेकर बुलाया. जहां जगदीश से 10 हजार रुपए की रिश्वत लेने के बाद मुकेश ने नोटों की गड्‌डी अपनी पेंट की जेब में रख ली. इसी बीच मौका पा कर एसीबी की टीम ने मुकेश को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया.

पिछले कुछ दिनों एन्टी करप्शन ब्यूरो ने कार्यवाही करते हुए कई विभागों में रिश्वतख़ोरों को रंगे हाथ पकड़ा है. 12 अगस्त को रिश्वत के मामले में लाइन हाजिर चल रहे एक थानेदार को एन्टी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 11 लाख 36 हजार रुपए कैश और महंगी अंग्रेजी शराब की 21 बोतलें ले जाते पकड़ था. 

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