राजस्थान यूनिवर्सिटी: परीक्षा शुल्क के नाम पर कमाएं 90 करोड़, अब परीक्षा नहीं

Smart News Team, Last updated: 16/09/2020 02:04 PM IST
  • जयपुर. फर्स्ट और सेकंड ईयर की नहीं हुई परीक्षा, रिटर्न नहीं होगी फीस आरयू को इस साल परीक्षा शुल्क से 166 करोड़ रुपए मिले
राजस्थान यूनिवर्सिटी

जयपुर। राजस्थान यूनिवर्सिटी को इस वर्ष फर्स्ट ईयर और सेकंड ईयर के छात्रों से परीक्षा शुल्क के नाम पर करीब 90 करोड़ रुपए मिले हैं जबकि सरकार ने फर्स्ट ईयर और सेकंड ईयर के छात्रों की परीक्षा कराए जाने से इनकार कर दिया है. इन छात्रों को बिना परीक्षा के ही अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया गया है. बावजूद इसके इन छात्रों का परीक्षा शुल्क वापस नहीं किया जाएगा.

आरयू को इस साल परीक्षा शुल्क से 166 करोड़ रुपए मिले हैं. जिनमें से 90 करोड़ रुपये से ज्यादा पैसा प्रथम व द्वितीय वर्ष के छात्रों के परीक्षा शुल्क से मिले हैं. बता दें कि यूजी व पीजी फाइनल में 2.15 लाख छात्र हैं, जिनकी परीक्षा हो रही है. आरयू को इस साल परीक्षा शुल्क से 166 करोड़ रुपए मिले हैं. इसमें परीक्षा फीस के अलावा डवलपमेंट फंड और विमर्श शुल्क भी है. हालांकि सरकार के निर्णय के अनुसार परीक्षाएं सिर्फ फाइनल ईयर की हो रही हैं. यूजी फर्स्ट- सेकंड ईयर और पीजी फर्स्ट ईयर को बिना परीक्षा प्रमोट कर दिया गया है. 166 में 90 करोड़ से ज्यादा फर्स्ट, सेकंड ईयर की परीक्षा फीस है.

सवा 5 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स की फीस

राजस्थान यूनिवर्सिटी में जयपुर, दौसा के करीब सवा 5 लाख स्टूडेंट्स रेगूलर और प्राइवेट स्नातक (UG), परास्नातक (PG) कर रहे हैं. इनमें यूजी व पीजी फाइनल में 2.15 लाख छात्र हैं, जिनकी परीक्षा हो रही है। इस साल यूनिवर्सिटी को मिले 166 करोड़ में परीक्षा फीस से 141 करोड़, डेवलपमेंट फीस से 3 करोड़ और विमर्श शुल्क से 22 करोड़ की आय हुई है.

विभिन्न कक्षाओं की परीक्षा फीस

बीए, बीएससी, बीकॉम, बीसीए, बीबीए व अन्य कोर्स फर्स्ट ईयर की रेगुलर स्टूडेंट्स की 1320, एक्स स्टूडेंट्स की 1630, नॉन कॉलेज की 2300 और 1 हजार रुपए विमर्श शुल्क है.

सेकंड ईयर में रेगुलर की 1920, एक्स की 1630, नॉन कॉलेज की 2940 + 1000 रुपये विमर्श शुल्क है. बीबीए/ बीवोक 1,2,3 सेमेस्टर की परीक्षा फीस 1780 और एक्स की 2220 रुपये है। पीजी में रेगुलर की 1700, एक्स की 1920 और नॉन कॉलेज की 2790 व 1000 रुपये विमर्श शुल्क है.

इन्होंने कहा

कोरोना से पहले यूनिवर्सिटी की यूजी की ज्यादातर परीक्षा शुरू हो चुकी थी और फाइनल की अब हो रही है. पेपर प्रिंट हो चुके थे. रिजल्ट जारी किए जाएंगे. मार्कशीट, डिग्री जैसे सभी कार्यों परपरीक्षा शुल्क व्यय हुए हैं. फंड का सही उपयोग किया गया है.

प्रो. विजय वीर सिंह, परीक्षा निदेशक

परीक्षाओं का मूल्यांकन होगा. साथ ही छात्रों को परीक्षा के अंक पत्र भी दिए जाएंगे. जो पैसा राजस्थान यूनिवर्सिटी को मिला है. उसका उपयोग छात्रों के विकास पर किया जाएगा.

शुचि शर्मा, सचिव

इस मामले में पूरी जानकारी ली जाएगी इसके बाद बैठक का चर्चा की जाएगी जो भी निर्णय होगा उसका पालन किया जाएगा.

प्रो. राजीव जैन,वीसी

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