जयपुर: 7 सितम्बर से खुलेंगे धार्मिक स्थल, सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मास्क अनिवार्य

Smart News Team, Last updated: 27/08/2020 03:05 PM IST
  • जयपुर सहित प्रदेश के सभी धार्मिक स्थल 7 सितम्बर से खोले जाएंगे. कोरोना संक्रमण की समीक्षा बैठक में राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस फैसले के साथ जारी किए आदेश.
प्रतीकात्मक तस्वीर 

देशभर में कोरोना महामारी के दौरान बंद किए गए धार्मिक स्थलों को जयपुर सहित प्रदेश में 7 सितम्बर को राज्य सरकार ने खोलने का फैसला कर लिया है. सभी धार्मिक स्थलों पर कोरोना गाइडलाइन की सख्ती से पालना करवाई जाएगी. हर जिले के कलेक्टर और एसपी बड़े धार्मिक स्थलों पर जाकर खुद निगरानी रखेंगे. बड़े धार्मिक स्थलों में कोरोना सुरक्षा के सभी नियमों का पालन करवाने की जिम्मेदारी भी उस जिले के कलेक्टर और एसपी की होगी.

सभी धार्मिक स्थलों को समय-समय पर सैनिटाइज करने के निर्देश भी दिए गए हैं. श्रद्धालुओं के लिए मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालना करना जरूरी होगा.

गौरतलब है कि सरकार सितंबर के महीने से अनलॉक 4 की तरफ बढ़ रही है. इसके तहत स्कूल और कॉलेज खोले जाने की बात भी कही जा रही है. हालांकि सरकार ने अभी तक इस पर कोई आदेश नहीं दिया है.

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन, धर्म गुरुओं एवं धार्मिक स्थलों के संचालन के लिए गठित कमेटी इसका ध्यान रखे कि दर्शनार्थियों की अधिक भीड़ एकत्र न हो. उन्होंने आमजन से अपील किया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए जहां तक संभव हो पूजा, उपासना, प्रार्थना और नमाज घर पर रहकर ही किया जाए, ताकि इन धार्मिक स्थलों पर भीड़ एकत्रित न हो.देशभर में कोरोना महामारी के दौरान बंद किए गए धार्मिक स्थलों को जयपुर सहित प्रदेश में 7 सितम्बर को राज्य सरकार ने खोलने का फैसला कर लिया है. सभी धार्मिक स्थलों पर कोरोना गाइडलाइन की सख्ती से पालना करवाई जाएगी. हर जिले के कलेक्टर और एसपी बड़े धार्मिक स्थलों पर जाकर खुद निगरानी रखेंगे. बड़े धार्मिक स्थलों में कोरोना सुरक्षा के सभी नियमों का पालन करवाने की जिम्मेदारी भी उस जिले के कलेक्टर और एसपी की होगी.

सभी धार्मिक स्थलों को समय-समय पर सैनिटाइज करने के निर्देश भी दिए गए हैं. श्रद्धालुओं के लिए मास्क लगाना और सोशल डिस्टेंसिंग का पालना करना जरूरी होगा.

गौरतलब है कि सरकार सितंबर के महीने से अनलॉक 4 की तरफ बढ़ रही है. इसके तहत स्कूल और कॉलेज खोले जाने की बात भी कही जा रही है. हालांकि सरकार ने अभी तक इस पर कोई आदेश नहीं दिया है.

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन, धर्म गुरुओं एवं धार्मिक स्थलों के संचालन के लिए गठित कमेटी इसका ध्यान रखे कि दर्शनार्थियों की अधिक भीड़ एकत्र न हो. उन्होंने आमजन से अपील किया कि कोरोना संक्रमण को देखते हुए जहां तक संभव हो पूजा, उपासना, प्रार्थना और नमाज घर पर रहकर ही किया जाए, ताकि इन धार्मिक स्थलों पर भीड़ एकत्रित न हो.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें