जयपुर: कोरोना से लड़ने के लिए सत्ता दल कांग्रेस व सभी विपक्षी दल एक मंच पर

Smart News Team, Last updated: 29/09/2020 12:14 AM IST
  • जयपुर. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजनीतिक दलों के नेताओं एवं स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों से कोविड-19 महामारी को लेकर अब तक उठाए कदमों पर चर्चा की. उन्होंने सभी दलों के नेताओं एवं स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों से सुझाव भी मांगे.
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य में कोरोना संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में सभी वर्गों की अहम भूमिका रही है और सभी के सहयोग से कोरोना संक्रमण को काबू में रखने में सफलता मिली है. गहलोत ने शनिवार को मुख्यमंत्री निवास से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं एवं स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों से कोविड-19 महामारी को लेकर अब तक उठाए कदमों पर चर्चा की. उन्होंने सभी दलों के नेताओं एवं स्वयंसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों से सुझाव भी मांगे.

सप्ताह में दो दिन का लॉकडाउन उपयोगी नहीं

सीएम गहलोत ने कहा कि जनप्रतिनिधियों, विभिन्न दलों के नेताओं, एनजीओ, सामाजिक कार्यकर्ताओं, धर्मगुरुओं, भामाशाहों एवं कोरोना वॉरियर्स की मदद से राज्य सरकार कोरोना संक्रमण को नियंत्रित रखने में काफी हद तक सफल रही है, साथ ही कोरोना से मृत्युदर भी न्यूनतम रही है. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों से जनप्रतिनिधियों, आमजन एवं विभिन्न संगठनों की ओर से बढ़ते हुए संक्रमण पर चिंता जाहिर की गई है. कुछ राज्यों ने सप्ताह में दो दिन लॉकडाउन लगाया था, लेकिन भारत सरकार का कहना है कि सप्ताह में दो दिन का लॉकडाउन संक्रमण रोकने के लिए उपयोगी नहीं है. लंबा लॉकडाउन लगने से रोजमर्रा के काम कर आजीविका चलाने वालों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हुआ है.

11 शहरों में धारा 144 लागू

संक्रमण रोकने के लिए राज्य सरकार ने राज्य के 11 शहरों में धारा 144 लागू कर पांच से अधिक व्यक्तियों के होने पर रोक लगाई है. वीसी के दौरान जनप्रतिनिधियों के कई महत्वपूर्ण सुझाव आए. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना सख्ती से करवाने, मास्क को अनिवार्य करने तथा समाज के प्रभावी लोगों को जागरूकता अभियान से जोड़ने के संबंध में सुझाव दिए.

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राजनीतिक दलों के सुझाव

नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने हैल्थ प्रोटोकॉल की पालना सख्ती से करवाने, मास्क को अनिवार्य करने तथा समाज के प्रभावी लोगों को जागरूकता अभियान से जोडऩे के संबंध में सुझाव दिए.

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से प्रभावी जागरूकता अभियान चलाने एवं निजी अस्पतालों को उचित दरों पर इलाज करने के लिए पाबंद करने के संबंध में सुझाव दिए.

बीटीपी के अध्यक्ष वेलाराम घोघरा ने जनजाति बहुल क्षेत्रों में कोरोना को लेकर जागरूकता पैदा करने में सामाजिक संगठनों को साथ लेने तथा लॉकडाउन के दौरान आए प्रवासियों के लिए रोजगार की समुचित व्यवस्था करने संबंधी सुझाव दिए.

सीपीएम के बलवान पूनियां ने कोविड सेंटर्स में भर्ती मरीजों को काउंसङ्क्षलग सुविधा उपलब्ध कराने का सुझाव दिया.

सीपीआई के डी.के. छंगाणी एवं नरेंद्र आचार्य ने लोगों में भय का माहौल दूर करने के लिए मोहल्ला समितियों के सहयोग से जागरूकता फैलाने का सुझाव दिया.

आरएलपी के विधायक पुखराज गर्ग सहित अन्य नेताओं ने भी सुझाव दिए.

 

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