जयपुर: आतंकवादियों को फांसी की सजा देने वाले रिटायर्ड जज ने माँगी पुलिस सुरक्षा

Smart News Team, Last updated: 11/09/2020 08:34 AM IST
  • रिटायर्ड जज अजय कुमार शर्मा ने डीजीपी को पत्र लिखकर सुरक्षा की मांग की कुछ अज्ञात लोग घरों में रोजाना फेंक रहे शराब की बोतलें, घर के पास लगा रहे चक्कर
प्रतीकात्मक तस्वीर 

जयपुर। चार आतंकवादियों को मौत की सजा सुनाने वाले रिटायर जज अजय कुमार शर्मा के घर के आस-पास कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दी है जिसके बाद रिटायर जज ने डीजीपी को पत्र लिखकर इसकी शिकायत की है उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की मांग की है.

दरअसल चार आतंकवादियों को सजा सुनाने वाले अजय कुमार शर्मा 31 जनवरी 2020 को सेवानिवृत्त हो गए. पिछले कुछ दिनों से उनके घर के बाहर को संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दे रही है. इसके बाद उन्होंने पत्र लिखकर डीजीपी से सुरक्षा की मांग की है. उन्होंने पत्र में लिखा कि उनके घर के बाहर कुछ लोग कई दिनों से मोटरसाइकिल से चक्कर लगा रहे हैं.इसके अलावा उनके घर की फोटो खींची जा रही है. इसके चलते उनका परिवार सदमे में है.

रिटायर्ड जज ने अपने पत्र में लिखा कि हाल ही में एक अन्य जज नीलकंठ गंजू ने आतंकी मकबूल भट्ट को वर्ष 1984 में मौत की सजा सुनाई थी जिसके बाद 2 अक्टूबर 1989 को आतंकवादियों ने उन्हें सरेराह मार दिया था. उन्होंने कहा कि मैंने भी चार खूंखार आतंकवादियों को फांसी की सजा दी है इसलिए मुझे भी जान माल का खतरा है. अज्ञात के तत्वों द्वारा घर के भीतर शराब की बोतलें फेंकी जा रही हैं. 2008 में हुए सीरियल बम ब्लास्ट के आतंकवादियों को सुनाई थी सजा

रिटायर जज अजय कुमार शर्मा ने 13 मई 2008 को हुए सीरियल बम ब्लास्ट में चार आतंकवादियों को सजा सुनाई थी. इस बम ब्लास्ट में 71 लोगों की मौत हुई थी जबकि 180 से अधिक लोग घायल हुए थे.ब्लास्ट के 11 साल बाद विशेष अदालत ने 4 आरोपियों को 18 दिसंबर 2019 को फांसी की सजा सुनाई गई थी.

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इसमें अजय कुमार शर्मा ने मोहम्मद सैफ, सरवर आजमी, सलमान और सैफ उर रहमान को बम ब्लास्ट का दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई थी. वहीं मुजाहिद्दीन के नाम से धमाकों की जिम्मेदारी लेने वाले आरोपी मोहम्मद शहबाज हुसैन को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया था.20 दिसंबर 2019 को इन चारों आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई थी चारों जयपुर सेंट्रल जेल में है.

 

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