जयपुर: पहले 50 में दोबारा 114 करोड़ में पास किया टेंडर, शिकायत पर हुआ निरस्त

Smart News Team, Last updated: 22/09/2020 11:51 AM IST
  • जयपुर. टेंडर की लागत बढ़ाकर हैदराबाद की मैसर्स कल्ट्रोन टेकसॉल्यूशन लिमिटेड को 114.68 करोड में वर्क आर्डर दिया गया. पहली बार सितंबर 2018 में 14.2 करोड़ की अनुमानित लागत का टेंडर जारी किया था. जुलाई 2019 में 50.68 करोड़ का टेंडर किया गया. अब 114.68 करोड में वर्क आर्डर दिया गया.
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर| राजस्थान की सरकारी बिजली उत्पादन कंपनी व पावर प्लांटों में फाइलों को ऑनलाइन व ई-फाइल करने के लिए इंटरप्राइजेज रिसोर्स प्लांनिग सिस्टम के टेंडर व वर्क आर्डर में बड़ी शिकायत सामने आई है. जिसमें उत्पादन निगम ने ईआरपी का वर्क आर्डर टेंडर की अनुमानित लागत से दुगनी रेट में हैदराबाद की एक कंपनी को दे दिया. टेंडर प्रक्रिया व वर्क आर्डर में अनियमितताओं को लेकर ऊर्जा विभाग में शिकायतें हुई. जिससे यह टेंडर निरस्त कर दिया गया.

प्रमुख सचिव ऊर्जा विभाग अजिताभ शर्मा ने उत्पादन कंपनी के अधिकारियों से जवाब तलब किया और वर्क आर्डर निरस्त कर दिया. विद्युत उत्पादन निगम की बोर्ड मीटिंग में टीआरपी की मंजूरी, टेंडर लगाने व वर्क आर्डर देने के मामले को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. इस उत्पादन बिजली कंपनी के सीएमडी पी रमेश है.

बिजली उत्पादन कंपनी में इआरपी काम के लिए पहली बार सितंबर 2018 में 14.2 करोड़ की अनुमानित लागत का टेंडर जारी किया था लेकिन जून 2019 में इसे निरस्त कर दिया गया. सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर को शामिल करते हुए जुलाई 2019 में 50.68 करोड़ का टेंडर किया गया. इस टेंडर को भी नवंबर 2019 में बिना किसी कारण के निरस्त कर दिया गया.

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इसके उपरांत इसी टेंडर की लागत बढ़ाकर हैदराबाद की मैसर्स कल्ट्रोन टेकसॉल्यूशन लिमिटेड को 114.68 करोड में वर्क आर्डर दिया गया. आरटीपीपी एक्ट के तहत इसे उल्लंघन मानते हुए निरस्त कर दिया गया. यही नहीं भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने इस मामले की शिकायत मुख्यमंत्री व प्रधानमंत्री से की. 31अगस्त को बोर्ड मीटिंग में एटीआर में ईआरपी कांट्रैक्ट को निरस्त कर दिया गया.

 

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