जयपुर: ऊसर भूमि पर बना डाला पार्क, अब दिख रही चारों तरफ हरियाली

Smart News Team, Last updated: 09/09/2020 10:05 AM IST
  • जयपुर. जनप्रतिनिधियों-निगम-जेडीए ने दिया सिर्फ आश्वासन, लोगों ने खुद बना डाला पार्क खाली भूखंडों से अतिक्रमण व कचरे से ढेर हटाकर बना दिया हरा भरा पार्क
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर। जयपुर शहर में खाली पड़ी ऊसर भूमि पर कॉलोनी के लोगों ने पार्क बनाकर हरा भरा कर दिया. इस दौरान लोगों ने श्रमदान कर अतिक्रमण हटाया. इसके बाद कूड़े कचरे को साफ कर उसे समतल भूमि बनाकर पौधरोपण कर हरियाली ला दी.

यदि ठान ले तो क्या नहीं हो सकता.

बस इरादे मजबूत और नजरिया सही होना चाहिए. राजधानी के कई इलाकों में ऐसे उदाहरण देखने को मिल रहे हैं जिसमें लोगों ने कॉलोनियों में बंजर भूमि को हरियाली की चादर ओढ़ा दी. खाली भूखंडों से अतिक्रमण हटा या कचरे से ढेर से मुक्त कर पार्क में तब्दील कर दिया.

जेडीए-नगर निगम के चक्कर लगाने के बावजूद कुछ न होता देख मायूस नहीं बैठे बल्कि खुद ही एकजुट हो मोर्चे पर आ डटे. फंड जुटाया, श्रमदान किया और बदल डाली तस्वीर. ऐसे ही शहर के तीन भूखंड जो कल तक बंजर, अतिक्रमण, गंदगी की कहानी अपने में समेटे थे. उस पर लोगों ने ग्रीन-क्लीन का लेबल चिपका पार्क बना दिया.

रोज गार्डन में दस हजार से ज्यादा पौधे

निर्माण नगर स्थित रानीसती नगर कॉलोनी में स्थानीय बाशिंदों ने दस हजार वर्ग गज भूमि से अवैध कब्जा हटावाया. 26 लाख खर्च करके उक्त भूमि को रोज गार्डन की शक्ल दी. जानकारी के अनुसार कॉलोनी की खाली भूमि पर कतिपय लोगों ने कब्जा था. आए दिन वहां अराजक तत्वों का मजमा लगता था. आपराधिक प्रवृत्ति के लोग वहाँ हुलाडे भरते थे. आखिरकार उन्हें हटाया गया. इसके बाद अपने स्तर पर वर्ष 2017 में इस भूमि को पार्क में तब्दील करने का बीड़ा उठाया तो लोग जुड़ते गए.

अब तक वहां करीब 26 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं. यहां सीसीटीवी कैमरे, चारों ओर कच्चा वॉकिंग ट्रैक, 150 बड़ी और छोटी लाइट्स, एक ट्यूबवैल, तीन शौचालय, योगा स्टेज, चारदीवारी, एक वाटर कूलर, 64 बैंच लगवाई है़. बात करें ग्रीनरी की तो यहां दस हजार से ज्यादा पौधे हैं. जिनमें 22 तरह के गुलाब हैं. इसके अलावा कई औषधीय और सजावटी पौधे भी हैं. पार्क की देखरेख के लिए एक समिति भी बनाई है. हर माह आपस में फंड जुटाकर काम करते हैं. लॉकडाउन में भी करीब दो लाख रूपए खर्च किए हैं.

हर रविवार श्रमदान से निखरा अटल उद्यान

खातीपुरा में पुलिया से खिरणी फाटक आरओबी तक करीब पौने दो किलोमीटर दूरी में रेलवे लाइन के समीप अतिक्रमण और गंदगी की भेंट चढ़ी भूमि अब अटल उद्यान में बदल चुकी है. बताया जाता है कि पूर्व पार्षद संजय जांगिड़ के नेतृत्व में चार साल पहले टीम बनाकर हर रविवार वहां श्रमदान किया गया जिसकी बदौलत इसकी सूरत बदली है.

आसपास कॉलोनियों में पार्क भी नहीं था. इस वजह से मेजर बन्ने सिंह, जसवंतनगर, महंत कॉलोनी, ऐके गोपालन नगर समेत कई कॉलोनी के लोग आगे आ़ए. यहां अलग-अलग ब्लॉक बनाकर अब तक चार हजार से ज्यादा पौधे रोपे जा चुके हैं.

इस मानसून में पांच हजार पौधे रोप रहे है़ं. यहां ट्यूबवैल, शौचालय,तारबंदी, झूले और एक मंदिर समेत कई कार्य करवाए गए हैं जिनमें लोगों ने अपने स्तर पर फंड जुटाकर खर्चा किया है. लोग यहां एनिवर्सरी और जन्मदिन पर पौधे रोपते हैं और देखभाल भी करते हैं. यहां सुबह-शाम रौनक बनी रहती है, पहले लोग रुकना भी पसंद नहीं करते थे.

घर-घर 100 रुपए जुटा बनाई ग्रीन वैली

गांधीपथ पश्चिम स्थित वैशाली एलीगेन्स कॉलोनी में लोगों ने गहरे गड्ढे में मिट्टी डलवाई. भूमि को समतल किया तो ग्रीन वैली पार्क सामने आया. जानकारी के अनुसार आसपास एक दर्जन कॉलोनियों में कोई पार्क नहीं था. बच्चों और बुजुर्गों को काफी तकलीफ होती थी. ऐसे में यहां पार्क डवलप करने की सोच के साथ लोग आगे आए. जनप्रतिनिधियों व निगम-जेडीए में चक्कर लगाए लेकिन सफल नहीं हुए. आखिरकार लोगों ने खुद बीड़ा उठाया और हर माह घर-घर से 100 रुपए जुटाकर इसे पार्क में तब्दील किया. अब यहां करीब आधा दर्जन कॉलोनियों के लोग घूमने आते हैं. अब यहां ओपन जिम लगाने की कवायद चल रही है.

 

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें