जयपुर: सड़कों की गुणवत्ता जांचेगी थर्ड पार्टी, 5 साल तक ठेकेदार करेगा रखरखाव

Smart News Team, Last updated: 23/09/2020 09:34 AM IST
  • जयपुर. पीडब्लूडी समीक्षा बैठक में सीएम अशोक गहलोत ने दिए निर्देश नरेगा श्रमिकों को बीमा कवर व सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाएगी राज्य सरकार.
प्रतीकात्मक तस्वीर 

जयपुर। राजस्थान सरकार ने सड़कों की देखभाल मरम्मत किए जाने को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी है. इसके अलावा सड़कों के निर्माण व गुणवत्ता की जांच किए जाने को लेकर भी बदलाव किया है. अब सड़क निर्माण किए जाने के बाद थर्ड पार्टी इसकी गुणवत्ता की जांच करेगी. गुणवत्ता सही पाए जाने के बाद ही संबंधित ठेकेदार को भुगतान किया जाएगा.

इसके अलावा सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी ठेकेदार की होगी. सड़क बनने के अगले 5 वर्ष तक उसके रखरखाव और मरम्मत की पूरी जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार या कंपनी की होगी. बता दें कि प्रदेश में राज्य सरकार की तरफ से बनाई जाने वाली सड़कों की क्वालिटी कंट्रोल की जांच के लिए थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन शुरू किया जाएगा.

वहीं सड़क बनाने वाले ठेकेदारों को 5 सालों तक उस सड़क की रखरखाव की जिम्मेदारी दी जाएगी. मंगलवार को पीडब्लूडी विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यह निर्देश जारी किए.

सीएम गहलोत ने कहा कि कई बार जनप्रतिनिधि गांवों को जोड़ने वाली सड़क की मांग करते हैं, ऐसे में उनकी मांग तथा क्षेत्र विशेष की जरूरत के अनुसार ग्रामीण विकास पथ अथवा मिसिंग लिंक का कार्य कराया जा सकता है. उन्होंने कहा कि अच्छी एवं गुणवत्तापूर्ण सड़कें बनें यह राज्य सरकार की प्राथमिकता में है. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़कों के निर्माण में क्वालिटी कंट्रोल से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाए.

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विश्व बैंक एवं एशियाई विकास बैंक द्वारा वित्त पोषित सड़कों तथा राष्ट्रीय राजमार्ग की सड़कों की गुणवत्ता जांच स्वतंत्र इंजीनियर द्वारा किए जाने का प्रावधान है. ऐसी ही व्यवस्था आरआईडीएफ के तहत नाबार्ड के माध्यम से बनी हुई सड़कों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए भी लागू करते हुए सड़क निर्माण कार्य का थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन कराया जाए.

गहलोत ने कहा कि सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा बनवाई गई सड़कों के रख-रखाव की जिम्मेदारी पांच साल तक सम्बन्धित ठेकेदार की हो. फिलहाल सड़क बनने के बाद तीन साल तक उसके रख-रखाव की जिम्मेदारी ठेकेदार की होती है. गहलोत ने सर्वाधिक खराब सड़कों की सूची तैयार करने के भी निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि ऐसा सिस्टम तैयार किया जाए कि सर्वे कर ऐसी सड़कों की सूची बने, जिनकी मरम्मत की तत्काल आवश्यकता हो और उन कार्यों को प्राथमिकता से किया जा सके.

विभाग की एसीएस वीनू गुप्ता ने बताया कि 2020-21 की बजट घोषणा के तहत सर्वाधिक खराब 67 सड़कों के कार्य की स्वीकृति मिल गई है. नरेगा श्रमिकों को बीमा कवर व सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाएगी राज्य सरकार. 

सीएम गहलोत ने कहा कि देश में महात्मा गांधी नरेगा के तहत 90 दिन काम पूरा करने वाले श्रमिकों को निर्माण श्रमिक कार्ड जारी किए जाएं. नरेगा श्रमिक, भवन एवं अन्य संनिर्माण श्रमिकों की तरह सुविधाओं के पात्र हैं. इससे उनको दुर्घटना बीमा, इलाज सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की उपलब्धता सुलभ हो सकेगी. अधिकाधिक नरेगा श्रमिकों को उनकी मांग के अनुसार काम उपलब्ध कराया जाए.

 

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