जयपुर में बारिश का कहर मशीन से खोद कर निकाली गई गाड़िया व अन्य सामान

Smart News Team, Last updated: 17/08/2020 11:00 AM IST
  • तीन से चार फीट घरों में जम गई है मिट्टी, खुदाई कर साफ किया जा रहा घर. जयपुर में हुई भारी बारिश के मलबे में बहकर आई मिट्टी से सड़क पटी, आवागमन प्रभावित. घर के बाहर खड़ी गाड़ियां मलबे में दबी, मशीनों से खुदाई कर हटाई जा रही मिट्टी.
जयपुर बारिश

जयपुर- बारिश से हुई तबाही का मंजर अभी तक लोगों ने फिल्मों में देखा था लेकिन जयपुर में हुई भारी तबाही ने इस फिल्म को हकीकत में बदल दिया. जयपुर में हुई झमाझम बारिश में बहकर आए मलबे में लोगों का घर डूब गया. इस दौरान जब बारिश और पानी का कहर समाप्त हुआ तब लोगों ने घर की तरफ रुख किया तो पता चला कि घरों में 3 से 4 फीट ऊपर तक मिट्टी का मलबा पड़ा हुआ था.

घरों के आधे दरवाजे मलबे से पटे थे जबकि घर में रखी अलमारी फ्रिज, बेड, बर्तन आदि मलबे में दब गए. फोर व्हीलर गाड़ियां मलबे में दब गई जबकि टू व्हीलर मिट्टी में कहीं दिखाई नहीं दे रही है. सड़कों पर सिर्फ मिट्टी ही मिट्टी दिख रहा है.

मशीनों द्वारा मिट्टी की खुदाई कर रास्ते बनाए जा रहे हैं. साथ ही घरों में लोग फावड़े से खुदाई कर मलबे में दबी चीजों को निकाल रहे हैं. यह मंजर बेहद भयानक है. खाने-पीने तक की व्यवस्था घरों में नहीं है. लोग पीने के पानी को तरस रहे हैं.

कई लोगों के घर तबाह हो गए. बारिश में बहकर आई मिट्टी के कारण कई इलाकों में गाड़ियां और घर मलबे में दब गए.

दुकानों में रखे सामान व काउंटर मिट्टी में दबे पड़े हैं. अनुमान है कि

व्यापारियों के करीब 100 करोड़ रुपये से ज़्यादा का नुकसान हुआ है. जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.

जेडीए और नगर निगम के अधिकारी जिम्मेदारी से काम करते तो पानी निकासी की समुचित व्यवस्था हो सकती थी. लोगों को निचले इलाकों में बसाने से पहले नहीं सोचा गया जिससे यह हालत हुई है.

बहाव क्षेत्र में कभी भी अनहोनी हो सकती है. यहां तक की शास्त्री नगर और विद्याधर नगर के बीच अमानीशाह नाले में सड़क तक बना दी. लोगों को बिजली के कनेक्शन दे दिए.

जिन लोगों के मकान दो मंजिला थे उन्होंने दूसरी मंजिल पर बारिश के दौरान शरण ली. वही जिनके मकान 1 मंजिला थे उनका पूरा घर तबाह हो गया. घर में रखे सभी सामान मिट्टी में दब चुके हैं जिन्हें निकाल पाना बेहद मुश्किल है. जेसीबी मशीन से खुदाई कर घरों में पड़े मलबे को हटाया जा रहा है.

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