जयपुर के सिटी पार्क में जापानी तकनीक मियावाकी से हो रहा पौधरोपण

Smart News Team, Last updated: Mon, 7th Sep 2020, 3:07 PM IST
  • 10 गुणा तेजी से होती है इस तकनीक से लगाए गए पौधों की वृद्धि. पौधों की सघनता की वजह से सूर्य की रोशन जमीन तक नहीं पहुंच पाती है, जिससे खरपतवार नहीं उगती है और पौधों को पर्याप्त पोषण मिलता है.
प्रतीकात्मक तस्वीर

हरियाली को बढ़ावा देने के लिए जयपुर के मानसरोवर के सिटी पार्क में रविवार को जापानी तकनीक मियावाकी के जरिए पौधरोपण की शुरुआत हुई. पहले चरण में राजस्थान आवासन मंडल और रोटरी क्लब की ओर से एक हजार वर्ग मीटर में इसी तकनीक से करीब 5100 पौधे लगाए जाएंगे. मियावाकी तकनीक के जरिए करीब दो-दो फीट की दूरी पर पौधे लगाए गए हैं.

आवासन आयुक्त पवन अरोड़ा ने बताया कि इस पद्धति से सघन पौधरोपण किया जाता है. इसमें करीब दो-दो फीट की दूरी पर पौधे लगाए जाते हैं. ये पौधे लगभग 8 से 10 माह के अंदर 12 से 14 फीट उंचाई तक पहुंच जाते हैं. इस तकनीक में वृक्षों की सघनता की वजह से सूर्य की रोशन जमीन तक नहीं पहुंच पाती है, जिसकी वजह से खरपतवार नहीं उगती है और पौधों को पर्याप्त पोषण मिलता है. उन्होंने बताया कि इन पौधों की वृद्धि 10 गुना तेजी से होती है. कई राज्यों में इस तकनीक से पौधरोपण किया गया है जिसके सकारात्मक परिणाम भी सामने आए हैं. सिर्फ 20 से 30 वर्षों में ही ये पौध पेड़ का रूप धारण कर लेते हैं. आयुक्त ने बताया कि सिटी पार्क के पाथवे के दोनों तरफ रोटरी क्लब के सहयोग से मियावाकी तकनीक से पौधारोपण की शुरुआत की गई है.

 सिटी पार्क का एक कोना वुडलैंड के लिए आरक्षित रखा गया था और यहां इस तकनीक से पौधरोपण किया जा रहा है. दूसरे चरण में लगभग 800 वर्गमीटर क्षेत्र में इस पद्धति से पौधरोपण किया जाएगा. पार्क में विभिन्न प्रजातियों के लगभग 21 हजार पौधे लगाए जाएंगे. यह पार्क 52 एकड़ में बन रहा है. इसमें 75 फीसदी ग्रीन एरिया होगा.

 

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