पुलिस के हत्थे चढ़ा बाड़मेर का जितेंद्र सिंह, चंद रूपयों के लिए ISI को बेचता था सेना के सीक्रेट

Uttam Kumar, Last updated: Tue, 21st Sep 2021, 12:44 PM IST
मिलिट्री इंटेलिजेंस एवं कर्नाटक पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पाकिस्तान की इंटर-सर्विस इंटेलिजेंस आईएसआई के लिए काम करने वाले को कर्नाटक से गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान राजस्थान के बाड़मेर जिला के रहने वाले जितेंद्र सिंह के रूप में की गई है. आरोप है की जितेंद्र सिंह भारतीय सुरक्षा बल से जुड़ी फोटो, वीडियो और वायस मैसेज आइएसआइ एजेंट को भेजता था. 
मिलिट्री इंटेलिजेंस एवं कर्नाटक पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आईएसआइ के लिए जासूसी करने वाले जितेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है. (प्रतिकात्मक फोटो)

जयपुर. मिलिट्री इंटेलिजेंस एवं कर्नाटक पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में पाकिस्तान की इंटर-सर्विस इंटेलिजेंस आईएसआइ के लिए काम करने वाले को कर्नाटक से गिरफ्तार किया है. आरोपी की पहचान राजस्थान के बाड़मेर जिला के रहने वाले जितेंद्र सिंह के रूप में की गई है. आरोप है की जितेंद्र सिंह भारतीय सुरक्षा बल से जुड़ी फोटो, वीडियो और वायस मैसेज आइएसआइ एजेंट को भेजता था. इसके बदले आइएसआइ एजेंट उसको पैसा देते थे. आरोपी जितेंद्र सिंह आइएसआइ को भारतीय सुरक्षा बल से जुड़ी फोटो, वीडियो और वायस मैसेज भेजने के बाद डिलीट कर देता था ताकि किसी को पता नहीं चले. 

जानकारी के अनुसार आरोपी जितेंद्र सिंह वर्ष 2016 में आइएसआइ के संपर्क में आया था. आइएसआइ से उसका संपर्क फ़ेसबुक के माध्यम से हुई थी. आरोपी जितेंद्र सिंह फ़ेसबुक पर अपनी प्रोफाइल में भारतीय आर्मी का ड्रेस पहनकर फोटो डाला था. जिसके बाद उसके पास 'नेहा उर्फ पूजाजी' के नाम से फ्रेंड रिकवेस्ट आया था. 'नेहा उर्फ पूजाजी' के नाम से बना यह फर्जी अकाउंट आइएसआइ एजेंट का है. इंटेलिजेंस विभाग को इस अकाउंट का आइपी एड्रेस कराची मिला है.

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फ़ेसबुक पर दोस्ती होने के बाद आरोपी जितेंद्र सिंह की आइएसआइ एजेंट से काफी सालों तक बात हुई. फिर आइएसआइ एजेंट ने आरोपी को पैसा का लालच दिया. बदले में भारतीय सुरक्षा बल से जुड़ी फोटो, वीडियो और वायस मैसेज भेजने को कहा. आरोपी ने पैसे के लालच में आकर ये बात मान ली. आरोपी ने इसके बाद भारतीय सुरक्षा बल से जुड़ी कई जानकारी आइएसआइ एजेंट को दी. आइएसआइ एजेंट की तरफ से हर जानकारी के लिए अलग अलग डिजिटल माध्यम का उपयोग करते हुए आरोपी को भुगतान किया गया.

 इधर मिलिट्री इंटेलिजेंस विभाग ने नेहा और जितेंद्र सिंह के बीच फेसबुक पर दोस्ती होने के बाद अकाउंट की निगरानी शुरू कर दी थी. आरोपी भारतीय सुरक्षा बलों का फोटो खिचने और वीडियो बनाने के लिए सेना का वर्दी का इस्तेमाल करता था, ताकि किसी को कोई शक न हो. आरोपी जितेंद्र खुद को फुटपाथ पर कपड़ा बेचने वाला बताता था.  

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