कोरोना इफेक्ट : जयपुर में मकर संक्राति पर KITE FESTIVAL का आयोजन नहीं

Smart News Team, Last updated: 12/01/2021 06:02 PM IST
  • हर साल जलमहल की पाल पर आयोजित होने वाले काइट फेस्टिवल के दौरान राजस्थान के लोक कलाकारों की ओर से विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाती थीं. कलाकारों द्वारा काइट फेस्टिवल में कच्छी घोड़ी, कठपुतली, अलगोजा, मयूर नृत्य, घूमर सहित अन्य प्रस्तुतियां देशी-विदेशी पर्यटकों को झूमने पर मजबूर कर देती थी.
सांकेतिक फोटो

जयपुर. राजधानी जयपुर का विश्व प्रसिद्ध काइट फेस्टिवल इस साल कोरोना महामारी के कारण नहीं हो सकेगा. हर साल काइट फेस्टिवल का आयोजन मकर संक्राति के त्योहार पर आमेर रोड स्थित मानसागर की पाल पर आयोजित होता है. कोरोना महामारी और विदेशी टूरिस्ट्स नहीं होने के चलते पर्यटन विभाग ने इस साल काइट फेस्टिवल का आयोजन नहीं करने का निर्णय किया है.

पर्यटन विभाग के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि इस बार विश्व प्रसिद्ध जयपुर का काइट फेस्टिवल का आयोजन नहीं होने से लोकल टूरिस्ट्स के साथ-साथ स्थानिय लोग भी इस साल काइट फस्टिवल में पतंगबाजी का लुत्फ नहीं उठा सकेंगे. आपको बता दें कि छोटी काशी कहे जाने वाले गुलाबी नगरी जयपुर की पतंगबाजी देश में मशहूर है. यहां की पतंगबाजी के लिए देश-विदेश के सैलानी जयपुर पहुंचते हैं. लेकिन इस बार कोरोना के कारण पतंगबाजी का माहौल फीका पड़ गया. टूरिज्म डिपार्टमेंट के डिप्टी डायरेक्टर उपेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि हर साल जलमहल की पाल पर काइट फेस्टिवल मुख्यत: विदेशी सैलानियों के लिए आयोजित किया जाता है. यह काइट फेस्टिवल करीब तीन दशक से चला आ रहा है. यह फेस्टिवल इस साल कोरोना महामारी और विदेशी टूरिस्ट्स की कमी को देखते हुए आयोजित नहीं किया जा रहा है.

जयपुर : 2 साल में 8 बार चुनाव आचार संहिता, रोजगार प्रभावित और विकास भी ठप 

कोरोना महामारी के कारण सकारी गाइडलाइन के अनुसार काइट फेस्टिवल के अतिरिक्त अन्य आयोजन भी नहीं हो पा रहे हैं. हर साल काइट फेस्टिवल के दौरान राजस्थान के लोक कलाकारों की ओर से विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाती थीं. कलाकारों द्वारा काइट फेस्टिवल में कच्छी घोड़ी, कठपुतली, अलगोजा, मयूर नृत्य, घूमर सहित अन्य प्रस्तुतियां देशी-विदेशी पर्यटकों को झूमने पर मजबूर कर देती थी.

आज का अखबार नहीं पढ़ पाए हैं।हिन्दुस्तान का ePaper पढ़ें |

अन्य खबरें