कोरोना को लेकर CM गहलोत की अध्यक्षता में हुई मंत्रीपरिषद की बैठक, लिए अहम निर्णय

Smart News Team, Last updated: Thu, 6th May 2021, 3:47 PM IST
कोरोना को लेकर सीएम आवास पर मुख्यमंत्री गहलोत की अध्यक्षता में कोई मंत्रिपरिषद की बैठक में अहम निर्णय लिए गए. इस बैठक में पांच मंत्रियों का एक ग्रुप भी बनाया गया जो सुझाव के आधार पर गुरुवार को निर्णय देगा. इसके अलावा बैठक में कई अन्य विषयों पर भी चर्चा की गई.
बुधवार को सीएम आवास पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में मंत्री परिषद की एक बैठक आयोजित की गई.

जयपुर. बुधवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में सीएम आवास पर राज्य मंत्रिपरिषद की एक बैठक आयोजित हुई. बैठक में राज्य में कोरोना संक्रमण की स्थिति को लेकर वार्ता की गई.इस दौरान मंत्रिपरिषद द्वारा संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए और सख्त कदम उठाने की आवश्यकता पर बल देते हुए इसके लिए 5 मंत्रियों के एक समूह का गठन किया गया. जानकारी के अनुसार 5 मंत्रियों का यह समूह संभावित कदमों पर विचार कर गुरुवार को अपने सुझाव देगा. जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा. इस समूह में नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल, जलदाय मंत्री बीडी कल्ला, चिकित्सा मंत्री डॉ. रघु शर्मा, शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा तथा चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. सुभाष गर्ग शामिल हैं.

इसके अलावा बैठक में कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए कई और विषयों पर चर्चा की गई. बैठक में कहा गया कि कोरोना की दूसरी लहर से गांवों और युवाओं में संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है. उपचार के लिए शहर आते-आते रोगियों की स्थिति गंभीर हो रही है. ऐसे में संक्रमण की इस चिंताजनक स्थिति पर अंकुश लगाने के लिए कुछ समय तक विवाह आयोजनों को स्थगित कर दिया जाए. बहुत अधिक आवश्यकता हो तो केवल कोर्ट मैरिज ही की जाए. इसके अलावा बैठक में 'महामारी रेड अलर्ट-जन अनुशासन पखवाड़े' का पालन करने पर भी चर्चा की गई. साथ ही ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेटर की खरीद, मरीजों के लिए ऑक्सीजन, रेमडेसिविर और टोसिलीजुमैब दवाओं की आपूर्ति पर भी विस्तृत चर्चा की गई. बैठक में संक्रमण के गहराते संकट से निपटने के लिए और भी कड़े कदम उठाने, चिकित्सकीय सुविधाओं के निरंतर विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए.

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बैठक में मंत्रिपरिषद ने संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए 'रेड अलर्ट कर्फ्यू' की गाइडलाइन को सख्ती से लागू करते हुए आवागमन को न्यूनतम किए जाने का सुझाव दिया. इस दौरान अधिकाधिक वैक्सीनेशन और कोविड प्रबंधन से जुड़े तमाम बिन्दुओं पर भी मंथन किया गया. इसके अलावा मंत्रिपरिषद ने केंद्र सरकार से लगातार आग्रह के बावजूद राज्य को एक्टिव केसेज के अनुपात में मेडिकल ऑक्सीजन और रेमडेसिविर दवा की आपूर्ति नहीं मिलने पर चिंता व्यक्त की और देश के सुदूर स्थानों से ऑक्सीजन का उठाव करने के लिए पर्याप्त संख्या में केंद्र से टैंकर उपलब्ध करवाने की मांग रखी. मंत्रिपरिषद ने राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए बर्नपुर और कलिंगानगर की बजाय जामनगर व भिवाड़ी से ऑक्सीजन का आवंटन बढ़ाने पर बल दिया. उन्होंने कहा कि इससे ऑक्सीजन का जल्द उठाव किया जाना संभव हो सकेगा.

इसके अतिरिक्त मंत्रिपरिषद ने इस बात पर भी विचार किया कि एक्टिव केसेज की संख्या के अनुसार राज्य को वर्तमान में 615 मैट्रिक मेडिकल ऑक्सीजन की आवश्यकता है, जबकि उपलब्धता मात्र 351 मैट्रिक टन ही है. यदि संक्रमण की यही रफ्तार रही तो 15 मई तक ऑक्सीजन की आवश्यकता करीब 795 मैट्रिक टन हो जाएगी. ऑक्सीजन के उठाव के लिए प्रदेश में 26 अतिरिक्त टैंकरों की आवश्यकता है. इसके अलावा बैठक में कहा गया कि दूसरी लहर के साथ-साथ तीसरी लहर की आशंका को ध्यान में रखते हुए प्रदेशवासियों की जीवन रक्षा के लिए राज्य सरकार को कोविड प्रबंधन के लिए जरूरी संसाधन समय रहते जुटा लेने चाहिए. बैठक में ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेटर की जल्द से जल्द खरीद सुनिश्चित किए जाने, राज्य में ऑक्सीजन के अधिक से अधिक प्लांट स्थापित करने और दवाओं का भी स्थानीय स्तर पर उत्पादन करने के लिए सभी संभव प्रयास करने पर सहमति व्यक्त की गई.

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इसके अलावा गृह विभाग की ओर से 'महामारी रेड अलर्ट जन अनुशासन पखवाड़े' की गाइडलाइन कोविड प्रोटोकॉल के उल्लंघन पर की जा रही कार्रवाई और आगामी समय में उठाए जाने वाले संभव कदमों के संबंध में प्रस्तुतीकरण दिया गया. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोविड संक्रमण, वैक्सीनेशन की स्थिति और उपचार की व्यवस्थाओं से अवगत कराया गया. साथ ही कोविड प्रबंधन से जुड़े नोडल अधिकारियों ने ऑक्सीजन की आपूर्ति, ऑक्सीजन कॉन्सन्ट्रेटर खरीद की प्रगति के संबंध में भी जानकारी दी गई. इसके अतिरिक्त मंत्रिपरिषद ने कोरोना से मृत व्यक्तियों की पार्थिव देह के सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार का व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन करने, राज्य में 18 से 44 आयु वर्ग के युवाओं को निशुल्क टीकाकरण की अहम घोषणा, RTPCR टेस्ट की दरें घटाने, अस्थि विसर्जन के लिए रोडवेज में निशुल्क यात्रा की सुविधा जैसे निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सराहना की. मंत्रिपरिषद ने कहा कि मुसीबत की इस घड़ी में इन फैसलों से प्रदेशवासियों को बड़ी राहत मिल रही है. साथ ही कोरोना से लड़ने का हमारा संकल्प और मजबूत हुआ है.

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