NCRB Report 2020: राजस्थान में हर दिन 14 से ज्यादा रेप, यूपी दूसरे, एमपी तीसरे नंबर पर

Prachi Tandon, Last updated: Wed, 15th Sep 2021, 4:29 PM IST
  • राष्ट्रीय क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो 2020 रिपोर्ट के आंकड़ों से सामने आया है कि देश में सबसे ज्यादा बलात्कार राजस्थान में होते हैं. राजस्थान में 2020 में 5310 रेप के मामले दर्ज किए गए हैं. औसतन 14 से ज्यादा बलात्कार हर रोज राजस्थान में होते हैं.
राजस्थान में हर दिन 14 से ज्यादा रेप, यूपी अन्य क्राइम में टॉप पर.

जयपुर. राजस्थान में हर दिन औसतन 14 से ज्यादा रेप के मामले दर्ज किए जा रहे हैं. यह आंकड़ा देखने में जितना बड़ा दिख रहा है उससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि राज्य में किस तरह से क्राइम अपने चरम पर है. राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) 2020 की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में एक साल में 5310 बलात्कार के मामले दर्ज किए गए हैं. बलात्कार के मामलों में राजस्थान देश में नंबर एक पर आया है. वहीं उत्तर प्रदेश में 2769 रेप के मामले 2020 में दर्ज किए गए हैं और मध्यप्रदेश में 2339 केस दर्ज किए गए.

राजस्थान बलात्कार के मामलों में देश में सबसे टॉप पर रहा है. वहीं यूपी दूसरे तो मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर रहा है. राजस्थान में 2020 में हर रोज 14 से ज्यादा रेप होते हैं. हालांकि यह आंकड़ा 2019 से कम हुआ है. 2019 में राजस्थान में 5997 रेप के मामले दर्ज किए गए थे. 2019 के मुकाबले रेगिस्तानी राज्य में महिलाओं के प्रति अपराध में लगभग 16 प्रतिशत की गिरावट देखी गई है. क्राइम के अन्य मामलों में राजस्थान तीसरे नंबर पर है. पहले नंबर पर उत्तर प्रदेश और दूसरे नंबर पर पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा अपराधिक मामले दर्ज हुए हैं.

राजस्थान में कुल बलात्कार के पीड़ितों में से 1279 की उम्र 18 साल से कम है. वहीं 18 साल से ज्यादा रेप पीड़ितों की उम्र 4031 है. एनसीआरबी रिपोर्ट के अनुसार यह फैक्ट ज्यादा चौकाने वाला है कि 5046 मामलों में से आधे से ज्यादा परिवार, दोस्तों, पड़ोसियों, कर्मचारियों या अन्य पहचान के लोगों द्वारा किए गए. रिपोर्ट के अनुसार 95 प्रतिशत बलात्कार के मामलों में पीड़ित को आरोपी किसी ना किसी रूप में पहले से पहचानते थे. 

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NCRB की रिपोर्ट के अनुसार राजस्थान में अनुसूचित जाति के खिलाफ होने वाले अपराधों में भी वृद्धि देखने को मिली है. 2018 में राज्य में 4607 मामले दर्ज किए थे जो बढ़कर 2019 में 6794 हो गए. 2020 में अपराधिक मामलों की संख्या तेजी से बढ़कर 7017 हो गई थी.

एडीजी क्राइम रवि प्रकाश ने बताया कि अपराध की बढ़ती संख्या का मुख्य कारण अपराध का पंजीकरण भी है. एडीजी ने बताया कि राजस्थान सरकार की तरफ से आदेश है कि कोई भी पीड़ित शिकायत दर्ज कराने आए तो उसे वापस खाली ना लौटाया जाए. इसी के साथ एडीजी क्राइम ने बताया कि बलात्कार के मामलों में 42 प्रतिशत की वृद्धि देखने को मिली है लेकिन उनमें से आधे झूठे होते हैं. कई ऐसे मामले होते हैं जिसमें आरोपी और पीड़ित में समझौता हो जाता है और केस आगे नहीं बढ़ता है. 

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एडीजी ने बताया कि एनसीआरबी की रिपोर्ट में भी कहा गया है कि अपराध में वृद्धि और पुलिस द्वारा अपराध के पंजीकरण में वृद्धि दोनों अलग चीजें हैं. राजस्थान में अपराध के इन आकंड़ों के सामने आने पर भाजपा प्रवक्ता मुकेश पारीक ने कहा कि सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रही है और कई अपराधों में आगे चल रही है, जो दुर्भाग्यपूर्ण है. 

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